नई दिल्ली: रूस की एक जेल से ऐसा मामला सामने आया है जिसने सुरक्षा एजेंसियों को भी हैरान कर दिया. कैदियों तक कथित तौर पर प्रतिबंधित नशीले पदार्थ पहुंचाने के लिए इस बार किसी इंसान नहीं, बल्कि एक बिल्ली का इस्तेमाल किए जाने की कोशिश की गई. जेल कर्मचारियों ने समय रहते बिल्ली को रोक लिया और उसके गले में बंधे कपड़े के कॉलर की जांच की, जिसके बाद पूरा मामला सामने आया.घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. अधिकारियों के मुताबिक, बिल्ली को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया और जांच पूरी होने के बाद उसे छोड़ दिया गया. अब सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बिल्ली के जरिए प्रतिबंधित सामान जेल तक पहुंचाने की योजना किसने बनाई और इसके पीछे कौन लोग शामिल थे.
रूस की फेडरल पेनिटेंशियरी सर्विस (FSIN) के अनुसार, यह घटना पेनल कॉलोनी नंबर-17 के पास हुई. जेल परिसर की ओर बढ़ रही एक बिल्ली की गतिविधियां संदिग्ध लगीं. जब सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोका और जांच की, तो उसके गले में दो कपड़े के कॉलर बंधे मिले. अधिकारियों का दावा है कि इन्हीं कॉलर के भीतर प्रतिबंधित नशीले पदार्थ छिपाए गए थे.
जेल अधिकारियों ने बिल्ली के गले से दोनों कॉलर हटाकर उनकी जांच की. प्रारंभिक जांच में उनमें कथित तौर पर प्रतिबंधित पदार्थ होने की बात सामने आई. इसके बाद कॉलर जब्त कर लिए गए और बिल्ली को सुरक्षित छोड़ दिया गया. घटना के बाद वायरल हुए वीडियो में अधिकारी बिल्ली को पकड़कर उसके गले से कॉलर हटाते दिखाई दे रहे हैं.
प्रशासन अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि बिल्ली को किसने तैयार किया और क्या उसे किसी विशेष स्थान तक पहुंचने के लिए प्रशिक्षित किया गया था. जांच का एक पहलू यह भी है कि कहीं इस योजना का संबंध जेल के अंदर बंद किसी कैदी से तो नहीं था. फिलहाल किसी संदिग्ध का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है.
यह पहली घटना नहीं है जब किसी जानवर का इस्तेमाल जेल में प्रतिबंधित सामान पहुंचाने के लिए किया गया हो. इससे पहले श्रीलंका की एक हाई सिक्योरिटी जेल में बिल्ली के पास से हेरोइन, सिम कार्ड और मेमोरी चिप मिलने का मामला सामने आया था. वहीं, 2025 में कोस्टा रिका में भी एक बिल्ली के जरिए कथित तौर पर मारिजुआना और क्रैक कोकीन पहुंचाने की कोशिश पकड़ी गई थी.
इस घटना ने जेल सुरक्षा व्यवस्था के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है. अधिकारियों का मानना है कि तस्कर लगातार नए तरीके अपनाने की कोशिश करते हैं. ऐसे मामलों के बाद सुरक्षा एजेंसियों को केवल लोगों ही नहीं, बल्कि जानवरों के इस्तेमाल की आशंका को भी ध्यान में रखकर निगरानी और सतर्कता बढ़ानी होगी. फिलहाल रूस की यह घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है.