नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने आज शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभाल लिया. नई जिम्मेदारी मिलने के साथ ही उनका नाम राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है. लंबे समय से भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल जोशी अब देश के सबसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों में से एक की अतिरिक्त जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. प्रल्हाद जोशी का राजनीतिक सफर दो दशक से अधिक पुराना है. संसद में उनका अनुभव और संगठन में सक्रिय भूमिका उन्हें अलग पहचान दिलाती है. शिक्षा मंत्रालय की कमान मिलने के बाद उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि, राजनीतिक यात्रा और आर्थिक विवरण को लेकर भी लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई है.
प्रल्हाद जोशी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कर्नाटक के हुबली में पूरी की. इसके बाद उन्होंने कर्नाटक विश्वविद्यालय, धारवाड़ से संबद्ध के.एस. आर्ट्स कॉलेज, हुबली से बैचलर ऑफ आर्ट्स (बीए) की डिग्री हासिल की. वर्ष 1983 में उन्होंने स्नातक की पढ़ाई पूरी की. उनकी शिक्षा ने सार्वजनिक जीवन में आगे बढ़ने की मजबूत आधारशिला तैयार की.
New Delhi: Union Minister Pralhad Joshi takes additional charge of the Ministry of Education.
— ANI (@ANI) July 26, 2026
(Source: Ministry of Education) pic.twitter.com/NrYUvSGaFM
प्रल्हाद जोशी ने वर्ष 2004 में कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा सीट से पहली बार चुनाव जीतकर संसद में प्रवेश किया. इसके बाद उन्होंने लगातार पांच लोकसभा चुनावों में इसी सीट से जीत दर्ज की. लगातार जनसमर्थन मिलने के कारण वह भाजपा के प्रमुख नेताओं में अपनी मजबूत पहचान बना चुके हैं.
वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए दाखिल हलफनामे के अनुसार, प्रल्हाद जोशी और उनके परिवार की कुल संपत्ति 21.09 करोड़ रुपये है. वहीं, उन पर 8.01 करोड़ रुपये की देनदारियां दर्ज हैं. परिवार के पास 8.97 करोड़ रुपये की चल और 12.11 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है.
शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद प्रल्हाद जोशी की जिम्मेदारियां और बढ़ गई हैं. लंबे संसदीय अनुभव और प्रशासनिक समझ के साथ अब वह शिक्षा मंत्रालय के कामकाज की भी अतिरिक्त जिम्मेदारी संभालेंगे. मंत्रालय का कार्यभार संभालने के साथ ही उनका सार्वजनिक जीवन एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में आ गया है.