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India Daily

धधक रही है धरती, खाक हो रहे हैं जंगल; फ्रांस-स्पेन में भीषण आग से लाखों लोग घर छोड़ने को मजबूर

फ्रांस और स्पेन में भीषण जंगल की आग ने लाखों लोगों की जिंदगी प्रभावित कर दी है. हजारों हेक्टेयर जंगल जल चुके हैं, बड़े पैमाने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है और राहत-बचाव अभियान लगातार जारी है.

KanhaiyaaZee
धधक रही है धरती, खाक हो रहे हैं जंगल; फ्रांस-स्पेन में भीषण आग से लाखों लोग घर छोड़ने को मजबूर
Courtesy: X/@PGDynes

नई दिल्ली: यूरोप के दो बड़े देश फ्रांस और स्पेन इस समय भीषण जंगल की आग से जूझ रहे हैं. तेज गर्मी, लंबे समय से पड़े सूखे और कम नमी वाले मौसम ने हालात को और गंभीर बना दिया है. कई इलाकों में आग इतनी तेजी से फैली कि प्रशासन को लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा. राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है, जबकि दमकलकर्मी और सुरक्षा एजेंसियां आग पर काबू पाने के लिए दिन-रात जुटी हुई हैं.

फ्रांस के बॉरदॉ क्षेत्र में लगी जंगल की आग ने अब तक 19 हजार हेक्टेयर से अधिक जमीन को अपनी चपेट में ले लिया है. कई घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं और बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है. आग की रफ्तार इतनी तेज रही कि मशहूर पर्यटन स्थल कैप फेर्रे को भी खाली कराना पड़ा. कुछ लोगों को नावों के जरिए सुरक्षित बाहर निकाला गया.

स्पेन में घोषित करनी पड़ी आपात स्थिति

स्पेन के मैड्रिड के पश्चिमी हिस्से में अलग-अलग स्थानों पर लगी कई जंगल की आग आपस में मिल गईं. इससे आग का दायरा तेजी से बढ़ गया और सरकार को कई इलाकों में आपात कदम उठाने पड़े. हजारों लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े, जबकि कई क्षेत्रों में आवाजाही पर रोक लगा दी गई. दोनों देशों में मिलाकर करीब 2.20 लाख लोग प्रभावित हुए हैं.

राहत अभियान में जुटीं कई एजेंसियां

आग बुझाने के लिए फ्रांस और स्पेन ने हजारों दमकलकर्मियों, सेना, हेलिकॉप्टरों और विशेष विमानों को तैनात किया है. यूरोपीय यूनियन ने भी राहत प्रयासों में सहयोग करते हुए ग्रीस और क्रोएशिया सहित अन्य देशों से संसाधन और सहायता भेजी है. प्रशासन लगातार प्रभावित इलाकों से दूर रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील कर रहा है.

मौसम बना सबसे बड़ी चुनौती

दमकल टीमों के सामने सबसे बड़ी चुनौती तेज हवाएं, सूखी जमीन और हवा में कम नमी है. इन परिस्थितियों के कारण आग तेजी से फैल रही है और उसे नियंत्रित करना मुश्किल हो रहा है. वैज्ञानिकों का मानना है कि लंबे समय तक रहने वाली गर्मी और सूखा जंगलों को अधिक संवेदनशील बना देते हैं, जिससे आग का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.

कारणों की जांच भी जारी

मौसम को इस आपदा की सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है, लेकिन कुछ स्थानों पर आग लगने के वास्तविक कारणों की भी जांच चल रही है. अधिकारियों ने जानबूझकर आग लगाए जाने की आशंका को भी जांच के दायरे में रखा है. विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम के बीच जंगलों की नियमित निगरानी, समय रहते चेतावनी और बेहतर तैयारी ही भविष्य में ऐसे संकट का प्रभाव कम कर सकती है.