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India Daily

भारतीय चुनाव प्रणाली का दुनिया में बढ़ा दबदबा, इंडोनेशिया तक पहुंची EVM की चर्चा

भारत और इंडोनेशिया ने चुनाव प्रबंधन में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं. इसके तहत ईवीएम तकनीक, चुनावी प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और दोनों देशों के चुनाव अधिकारियों के बीच अनुभव साझा किए जाएंगे.

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Edited By: Shanu Sharma
भारतीय चुनाव प्रणाली का दुनिया में बढ़ा दबदबा, इंडोनेशिया तक पहुंची EVM की चर्चा
Courtesy: ANI

दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में भारत अब चुनाव प्रबंधन के क्षेत्र में अपनी अंतरराष्ट्रीय भूमिका लगातार मजबूत कर रहा है. इसी दिशा में भारत और इंडोनेशिया के बीच चुनावी सहयोग को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है. दोनों देशों ने मंगलवार को चुनाव संचालन से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए. इस समझौते का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, आधुनिक और प्रभावी बनाना है.

इस साझेदारी के तहत भारत अपनी चुनाव संबंधी तकनीकी विशेषज्ञता इंडोनेशिया के साथ साझा करेगा. इसमें जरूरत के अनुसार तैयार की गई इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन, चुनाव अधिकारियों का प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण, संस्थागत सहयोग और चुनाव संचालन के बेहतर अनुभवों का आदान प्रदान शामिल रहेगा.

भारत की चुनाव प्रणाली की राष्ट्रपति सुबियांतो ने की सराहना

जकार्ता में आयोजित एक सामुदायिक कार्यक्रम के दौरान इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो ने भारत की चुनाव व्यवस्था की खुलकर प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि उनका देश भारत के चुनाव आयोग से सीख रहा है और भारत ने विशाल आबादी, अनेक भाषाओं और विविध सामाजिक समूहों के बीच वर्षों से शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव कराकर दुनिया के सामने एक मिसाल पेश की है. उन्होंने कहा कि भारत ने लोकतांत्रिक व्यवस्था को सफलतापूर्वक संचालित करने की उल्लेखनीय क्षमता दिखाई है और इंडोनेशिया इस अनुभव से काफी कुछ सीखना चाहता है.

प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों का किया उल्लेख

राष्ट्रपति सुबियांतो ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली और शासन मॉडल की भी सराहना की. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति बनने से पहले ही उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की कई नीतियों का अध्ययन किया था और उनमें से कई को अपने देश में अपनाया. उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि इस पर कोई अधिकार सुरक्षित नहीं था, इसलिए उन्होंने इन नीतियों को अपनाने में संकोच नहीं किया.

राष्ट्रपति सुबियांतो ने भारत और इंडोनेशिया के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंधों का भी उल्लेख किया. बता दें कि करीब 28.8 करोड़ की आबादी वाला इंडोनेशिया दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा लोकतंत्र है. देश अपनी चुनाव प्रणाली को आधुनिक बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है. इसी उद्देश्य से इंडोनेशिया के चुनाव अधिकारी पहले भी भारत आकर ईवीएम की कार्यप्रणाली, चुनाव निगरानी प्रणाली, मतदाता जागरूकता अभियान और डिजिटल चुनाव प्रबंधन का अध्ययन कर चुके हैं.