दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में भारत अब चुनाव प्रबंधन के क्षेत्र में अपनी अंतरराष्ट्रीय भूमिका लगातार मजबूत कर रहा है. इसी दिशा में भारत और इंडोनेशिया के बीच चुनावी सहयोग को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है. दोनों देशों ने मंगलवार को चुनाव संचालन से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए. इस समझौते का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, आधुनिक और प्रभावी बनाना है.
इस साझेदारी के तहत भारत अपनी चुनाव संबंधी तकनीकी विशेषज्ञता इंडोनेशिया के साथ साझा करेगा. इसमें जरूरत के अनुसार तैयार की गई इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन, चुनाव अधिकारियों का प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण, संस्थागत सहयोग और चुनाव संचालन के बेहतर अनुभवों का आदान प्रदान शामिल रहेगा.
जकार्ता में आयोजित एक सामुदायिक कार्यक्रम के दौरान इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो ने भारत की चुनाव व्यवस्था की खुलकर प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि उनका देश भारत के चुनाव आयोग से सीख रहा है और भारत ने विशाल आबादी, अनेक भाषाओं और विविध सामाजिक समूहों के बीच वर्षों से शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव कराकर दुनिया के सामने एक मिसाल पेश की है. उन्होंने कहा कि भारत ने लोकतांत्रिक व्यवस्था को सफलतापूर्वक संचालित करने की उल्लेखनीय क्षमता दिखाई है और इंडोनेशिया इस अनुभव से काफी कुछ सीखना चाहता है.
#WATCH | Indonesia: At a community event in Jakarta, President of Indonesia Prabowo Subianto says, "I don't want to be involved in domestic Indian politics. I'm a friend of all Indians but I want to admit one thing and my close associates and colleagues will testify that I am a… pic.twitter.com/lEfg2N0vtL
— ANI (@ANI) July 7, 2026
राष्ट्रपति सुबियांतो ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली और शासन मॉडल की भी सराहना की. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति बनने से पहले ही उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की कई नीतियों का अध्ययन किया था और उनमें से कई को अपने देश में अपनाया. उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि इस पर कोई अधिकार सुरक्षित नहीं था, इसलिए उन्होंने इन नीतियों को अपनाने में संकोच नहीं किया.
राष्ट्रपति सुबियांतो ने भारत और इंडोनेशिया के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंधों का भी उल्लेख किया. बता दें कि करीब 28.8 करोड़ की आबादी वाला इंडोनेशिया दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा लोकतंत्र है. देश अपनी चुनाव प्रणाली को आधुनिक बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है. इसी उद्देश्य से इंडोनेशिया के चुनाव अधिकारी पहले भी भारत आकर ईवीएम की कार्यप्रणाली, चुनाव निगरानी प्रणाली, मतदाता जागरूकता अभियान और डिजिटल चुनाव प्रबंधन का अध्ययन कर चुके हैं.