menu-icon
India Daily

पानी पर राजनीति? भारत ने शहबाज शरीफ को सुनाई खरी-खोटी, कहा- संधि तोड़ने की शुरुआत तुमने की, अब हम क्यों चुप रहें?

Shehbaz Sharif Indus Treaty: भारत ने शहबाज शरीफ को जवाब देते हुए कहा कि पाकिस्तान ने ही सिंधु जल संधि का उल्लंघन किया था, जब उसने आतंकवाद को बढ़ावा दिया और समझौते की शर्तों का पालन नहीं किया, जिससे तनाव बढ़ा.

anvi shukla
Edited By: Anvi Shukla
पानी पर राजनीति? भारत ने शहबाज शरीफ को सुनाई खरी-खोटी, कहा- संधि तोड़ने की शुरुआत तुमने की, अब हम क्यों चुप रहें?
Courtesy: social media

Shehbaz Sharif Indus Treaty: संयुक्त राष्ट्र के एक अहम मंच पर जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सिंधु जल संधि को लेकर भारत पर गंभीर आरोप लगाए, तो भारत ने भी स्पष्ट और कड़ा जवाब देने में देर नहीं लगाई. भारत ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान ने खुद ही आतंकवाद के रास्ते इस संधि का सबसे पहले उल्लंघन किया था.

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर सख्त रुख अपनाते हुए सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया. यह कदम पाकिस्तान को सीधा संदेश देने के लिए था कि अब भारत आतंक के साथ कोई नरमी नहीं बरतेगा.

संयुक्त राष्ट्र में कीर्तिवर्धन सिंह ने खोली पाक की पोल

ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में आयोजित संयुक्त राष्ट्र के हिमनद सम्मेलन के पूर्ण सत्र में भारत के विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने पाकिस्तान की पोल खोलते हुए कहा, 'सबसे पहले पाकिस्तान ने सिंधु जल संधि का उल्लंघन किया. सीमा पार से आतंकवाद और दहशतगर्दी को बढ़ावा देकर पाकिस्तान ने इस संधि की भावना को रौंदा है.'

भारत पर आरोप लगाकर अंतरराष्ट्रीय मंचों का दुरुपयोग कर रहा पाक

शहबाज शरीफ ने भारत पर यह आरोप लगाया था कि वह पानी को हथियार बना रहा है. इस पर भारत ने पलटवार करते हुए कहा कि पाकिस्तान ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंचों का राजनीतिक लाभ के लिए दुरुपयोग कर रहा है. कीर्तिवर्धन सिंह ने कहा, 'संधि की प्रस्तावना में साफ कहा गया है कि इसे आपसी सद्भाव और मैत्री की भावना से संपन्न किया गया था. लेकिन पाकिस्तान खुद इसकी भावना का उल्लंघन करता आया है.'

नई चुनौतियों के बीच सिंधु जल संधि की समीक्षा जरूरी

भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि बदलते समय, तकनीकी विकास, जलवायु परिवर्तन और बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए इस संधि की समीक्षा आवश्यक है. भारत का कहना है कि आतंक को पनाह देने वाले देश के साथ पुराने नियमों के आधार पर समझौता जारी नहीं रखा जा सकता.

भारत पर आरोप लगाने का कोई हक नहीं

कीर्तिवर्धन सिंह ने कहा, 'जो देश वर्षों से संधि का उल्लंघन करता आया है, उसे भारत पर कोई आरोप लगाने का नैतिक अधिकार नहीं है.' वहीं पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा था, 'भारत का एकतरफा और अवैध निर्णय लाखों पाकिस्तानी नागरिकों की जान से खिलवाड़ है.' उनके इस बयान को भारत ने पूरी तरह निराधार बताया है.