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India Daily

'जो कभी छोड़ा ही नहीं, उसमें कैसे लौटें? अमेरिकी हमलों के बाद यूरोपीय संघ की बातचीत की अपील पर बोला ईरान

अमेरिका ने रविवार तड़के ईरान में तीन स्थानों पर हमले किए, जिससे वह इज़रायल के तेहरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ युद्ध में सीधे शामिल हो गया.

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Edited By: Sagar Bhardwaj
How to return to what we never left Iran said on EUs appeal for talks after US attacks

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को अमेरिका और इज़रायल पर आरोप लगाया कि दोनों देशों ने जानबूझकर उनकी परमाणु सुविधाओं को निशाना बनाकर कूटनीतिक प्रयासों को "तहस-नहस" कर दिया. उन्होंने कहा कि इन हमलों ने क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डाल दिया है.

इजरायल और अमेरिका ने बिगाड़ी बातचीत की राह

अराघची ने कहा कि 13 जून को इज़रायल ने तेहरान और वाशिंगटन के बीच चल रही बातचीत को "ध्वस्त" कर दिया, वहीं अमेरिका ने हालिया हमलों के जरिए यूरोपीय शक्तियों के साथ होने वाली वार्ता को "नष्ट" किया. यूरोपीय देशों की ओर से ईरान को बातचीत की मेज पर लौटने की अपील पर उन्होंने सवाल उठाया, "ईरान उस चीज में कैसे लौट सकता है, जिसे उसने कभी छोड़ा ही नहीं?"

उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "पिछले हफ्ते हम अमेरिका के साथ बातचीत कर रहे थे, तभी इज़रायल ने इस कूटनीति को उड़ा दिया. इस हफ्ते हमने ई3/यूरोपीय संघ के साथ बात की थी, जब अमेरिका ने इसे नष्ट कर दिया. आप इससे क्या निष्कर्ष निकालेंगे?"

ईरान की स्थिति और जवाब

अराघची ने ब्रिटेन और यूरोपी उच्च प्रतिनिधि से कहा, "उनके लिए यह ईरान है जो 'मेज पर लौटना' चाहिए. लेकिन ईरान उस चीज में कैसे लौटे, जिसे उसने न छोड़ा, न ही उड़ाया?" उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिकी आक्रामकता की तीव्रता के आधार पर ईरान जवाब देगा. उन्होंने बिना विस्तार बताए कहा, "हम अपने अधिकारों और राष्ट्रीय सुरक्षा प्राथमिकताओं के अनुसार जवाब देंगे." 

अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर किया हमला

अमेरिका ने रविवार तड़के ईरान में तीन स्थानों पर हमले किए, जिससे वह इज़रायल के तेहरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ युद्ध में सीधे शामिल हो गया. इस हमले ने व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष की आशंका को जन्म दिया. ईरान ने अमेरिका पर "खतरनाक युद्ध" शुरू करने का आरोप लगाया.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने व्हाइट हाउस से राष्ट्र के नाम संबोधन में दावा किया कि ईरान की प्रमुख परमाणु सुविधाएं "पूरी तरह से नष्ट" हो गईं. ईरान की परमाणु ऊर्जा संगठन ने पुष्टि की कि हमले फोर्डो, इस्फहान और नतांज़ स्थलों पर हुए, लेकिन जोर दिया कि उसका परमाणु कार्यक्रम जारी रहेगा. ईरानी अधिकारियों और संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था ने कहा कि प्रभावित स्थानों पर तत्काल रेडियोधर्मी प्रदूषण के कोई संकेत नहीं मिले.