नई दिल्ली: नेपाल में 2025 के जेनजी आंदोलन के बाद हुए सत्ता परिवर्तन के बाद अब देश में 5 मार्च 2026 को आम चुनाव होने वाले हैं. इसी बीच वहां कुछ इलाकों में सांप्रदायिक तनाव की घटनाएं सामने आई हैं. हाल ही में दक्षिणी धनुषा जिले में एक मस्जिद में तोड़फोड़ करने की घटना घटी.
इस घटना के बाद स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखने के उद्देश्य से परसा जिले के प्रशासन ने बीरगंज शहर के कुछ हिस्सों में कर्फ्यू लगा दिया है. बीरगंज शहर भारत के रक्सौल बॉर्डर के पास स्थित है. यह फैसला सोमवार को लिया गया.
रिपोर्ट के अनुसार, मस्जिद में तोड़फोड़ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद रविवार को बीरगंज में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान लोगों ने नारे लगाए और सड़कों पर टायर जलाए. धनुषा जिले की कमला नगर पालिका और मधेश प्रांत के अन्य इलाकों में भी प्रदर्शन हुए.
स्थानीय पुलिस के अनुसार, पूरा विवाद एक टिकटॉक वीडियो से शुरू हुआ था. इस वीडियो में दो मुस्लिम युवक हिंदू समुदाय के बारे में आपत्तिजनक बातें करते नजर आए. इससे नाराज होकर कुछ हिंदू लोगों ने धनुषा जिले में एक मस्जिद में तोड़फोड़ की और आग लगा दी. इस घटना के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों में आक्रोश फैल गया. रविवार से विरोध प्रदर्शन तेज हो गए. हालात को संभालने के लिए परसा जिला प्रशासन ने बीरगंज के कुछ इलाकों में किसी भी तरह के जुलूस, सभा, रैली या प्रदर्शन पर रोक लगा दी.
यह आदेश सोमवार दोपहर 1 बजे से लागू किया गया और अगली सूचना तक जारी रहेगा. प्रतिबंधित इलाकों में पूर्व की ओर बस पार्क, पश्चिम में सिरसिया पुल, उत्तर में पावर हाउस चौक और दक्षिण में शंकराचार्य गेट तक का क्षेत्र शामिल है. प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश तोड़ने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में कुछ अज्ञात लोगों को धनुषा जिले के धनुकमाला नगर पालिका-6 के सखुवा मारन इलाके में एक मुस्लिम बस्ती की मस्जिद में तोड़फोड़ करते हुए देखा गया.
एसपी बिश्व राज खड़का ने बताया कि टिकटॉक वीडियो बनाने वाले दोनों मुस्लिम युवकों और मस्जिद में तोड़फोड़ करने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है. अदालत ने सभी को पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. उन्होंने यह भी बताया कि मस्जिद में तोड़फोड़ के मामले में नौ लोगों के खिलाफ शिकायतें मिली हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है.