नई दिल्ली: मध्य पूर्व में युद्ध का दायरा तेजी से बढ़ रहा है. अमेरिका और इजरायल की मिली-जुली कार्रवाई ने ईरान के सैन्य और राजनीतिक ढांचे को गहरा झटका दिया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि अभियान तेज गति से आगे बढ़ रहा है और पहले 48 घंटों में ही अप्रत्याशित सफलता मिली है. इजरायली सेना ने भी पुष्टि की कि कई बड़े कमांडरों को निशाना बनाया गया. ईरान ने सैकड़ों मिसाइल और ड्रोन हमले किए, लेकिन अमेरिकी पक्ष ने अपने नुकसान को बहुत कम बताया है.
ट्रंप ने खुलासा किया कि एक ही हमले में 48 बड़े ईरानी नेता मारे गए. इनमें राजनीतिक और सैन्य दोनों स्तर के प्रभावशाली नाम शामिल हैं. इजरायल की सेना ने अलग से बताया कि 40 महत्वपूर्ण कमांडर खत्म हुए, जिनमें चीफ ऑफ स्टाफ अब्दुलरहीम मौसावी भी थे. सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत भी पुष्टि हो चुकी है. यह कार्रवाई खामेनेई पर प्रहार के तुरंत बाद हुई.
ट्रंप ने रविवार को कहा कि अमेरिकी बल ईरान की नौसेना को पूरी तरह कमजोर कर रहे हैं. अब तक नौ युद्धपोत डूब चुके हैं. उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि ये जहाज जल्द समुद्र की तलहटी पर तैरेंगे. ईरानी नौसेना मुख्यालय पर भी जबरदस्त हमले हुए हैं, जिससे उसकी समुद्री क्षमता बुरी तरह प्रभावित हुई है.
ईरान ने जवाब में बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए. अमेरिकी सेना ने पुष्टि की कि तीन सैनिक शहीद हो गए और पांच गंभीर घायल हैं. संघर्ष अब पूरे क्षेत्र में फैल चुका है. ईरानी हमलों से यूएई, सऊदी अरब, कतर, कुवैत, बहरीन और जॉर्डन भी प्रभावित हुए हैं. अमेरिकी कमांडरों का कहना है कि अभियान लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है.
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि अमेरिकी विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन पर चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस दावे को पूरी तरह गलत ठहराया. मिसाइलें जहाज के आसपास भी नहीं पहुंचीं. पोत अभी भी क्षेत्र में सक्रिय है और अभियान बिना रुके जारी है.