नई दिल्ली: नेपाल के परसा जिले के जिला प्रशासन कार्यालय (डीएओ) ने धार्मिक अशांति से उत्पन्न तनावपूर्ण माहौल को नियंत्रित करने के प्रयास में बीरगंज में कर्फ्यू को मंगलवार दोपहर 1 बजे तक बढ़ा दिया है. स्थानीय प्रशासन अधिनियम, 2028 बीएस की धारा 6(ए) के तहत जारी आदेश के अनुसार, निर्धारित क्षेत्र के भीतर सभी प्रकार की सार्वजनिक आवाजाही और गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.
खबरों के अनुसार, कर्फ्यू क्षेत्र पूर्वी बाईपास रोड से लेकर पश्चिमी तरफ सिरसिया पुल तक और उत्तर में पावर हाउस चौक से लेकर दक्षिण में शंकराचार्य गेट तक फैला हुआ है. जो लोग इस एरिया में रहते हैं उनसे सावधानी बरतने की अपील की गई है.
अधिकारियों ने निवासियों से अपील की है कि वे अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें और चेतावनी दी है कि कर्फ्यू नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सुरक्षा बलों को सख्त कार्रवाई करने का अधिकार है. अत्यावश्यक कार्य के लिए यात्रा करने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि वे आवागमन की अनुमति के लिए निकटतम सुरक्षा कर्मियों से संपर्क करें.
UPDATE | Nepal: Curfew in Birgunj extended till 1 pm today, 6th January, amid the tense situation there: District Administration Office, Parsa https://t.co/9UsvJAdun5
— ANI (@ANI) January 6, 2026Also Read
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डीएओ ने कहा कि कर्फ्यू के दौरान आवश्यक सेवाओं से संबंधित वाहनों को चलने की अनुमति होगी. इनमें एम्बुलेंस, दमकल गाड़ियां, शव वाहन, स्वास्थ्यकर्मी, पत्रकार और पर्यटक ले जाने वाले वाहन शामिल हैं. मानवाधिकार संगठनों, राजनयिक कार्यालयों और वैध हवाई टिकट वाले यात्रियों के परिवहन को भी पुलिस की निगरानी में चलने की अनुमति होगी.
धनुषा के कमला नगरपालिका 6 में घटी एक घटना के बाद दो धार्मिक समूहों के लोगों के सड़कों पर उतरने के कारण सोमवार को बीरगंज में हाई अलर्ट जारी रहा. शनिवार को अज्ञात समूह ने मुस्लिम बस्ती सखुवा मदन में एक मस्जिद में तोड़फोड़ की और कुरान की एक प्रति जला दी. घटना के दृश्य और जानकारी सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई, जिससे जनता का गुस्सा भड़क उठा.
रविवार को विरोध प्रदर्शन शुरू हुए जब मुस्लिम समुदाय के सदस्य बीरगंज में कार्रवाई की मांग को लेकर एकत्र हुए. बाद में शाम को, हिंदू समूहों ने मोटरसाइकिल रैली का आयोजन किया और दावा किया कि पहले के प्रदर्शन के दौरान दिए गए बयान हिंदू समुदाय को लक्षित थे.
सोमवार तड़के नए सिरे से विरोध प्रदर्शन शुरू होने से तनाव फिर से बढ़ गया, जिसके चलते प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच संक्षिप्त झड़पें हुईं. निषेधाज्ञा के बावजूद छपकाइया और मुरली जैसे इलाकों में मुस्लिम युवक भी जमा हुए. पुलिस ने हिंसा में शामिल लगभग दो दर्जन लोगों को हिरासत में लिया.