menu-icon
India Daily

बांग्लादेश में भारतीय अधिकारियों से ‘सीक्रेट मीटिंग’ पर जमात चीफ शफीकुर रहमान का चौंकाने वाला बयान, जानें क्या बोले

बांग्लादेश की जमात-ए-इस्लामी ने भारतीय अधिकारियों से गुप्त बैठक की खबरों को लेकर सफाई दी है. पार्टी प्रमुख ने संतुलित विदेश नीति पर जोर देते हुए किसी एक देश के पक्ष में झुकाव से इनकार किया.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
बांग्लादेश में भारतीय अधिकारियों से ‘सीक्रेट मीटिंग’ पर जमात चीफ शफीकुर रहमान का चौंकाने वाला बयान, जानें क्या बोले
Courtesy: social media

भारत-बांग्लादेश संबंधों में चल रहे तनाव के बीच जमात-ए-इस्लामी को लेकर एक नई राजनीतिक बहस खड़ी हो गई है. भारतीय अधिकारियों के साथ कथित गुप्त बैठकों की खबरों पर जमात ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी प्रमुख शफीकुर रहमान ने इन रिपोर्ट्स को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की है. उनका बयान ऐसे समय में आया है, जब बांग्लादेश में आम चुनाव नजदीक हैं और राजनीतिक गतिविधियां तेज हो चुकी हैं.

गुप्त बैठक की खबरों पर जमात की सफाई

जमात-ए-इस्लामी ने भारतीय अधिकारियों से सीक्रेट मीटिंग की खबरों को लेकर सीधे तौर पर इनकार नहीं किया, लेकिन इसे गलत संदर्भ में पेश किए जाने का दावा किया है. पार्टी का कहना है कि इस मुलाकात को जानबूझकर 'गुप्त' बताया गया, जबकि ऐसा कुछ असामान्य नहीं था. जमात के अनुसार, कई देशों के राजनयिकों से संवाद करना एक सामान्य कूटनीतिक प्रक्रिया है, जिसे गलत तरीके से राजनीतिक रंग दिया जा रहा है.

शफीकुर रहमान ने क्या कहा

रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में जमात प्रमुख शफीकुर रहमान ने स्वीकार किया कि इस साल उनकी एक भारतीय राजनयिक से मुलाकात हुई थी. उन्होंने बताया कि यह बैठक उनकी बायपास सर्जरी के बाद हुई थी. रहमान के मुताबिक, उसी दौरान अन्य देशों के डिप्लोमैट भी उनसे मिलने पहुंचे थे. उन्होंने दावा किया कि भारतीय अधिकारी की ओर से ही इस मुलाकात को सार्वजनिक न करने का आग्रह किया गया था.

बयान के पीछे की राजनीति

शफीकुर रहमान ने सवाल उठाया कि जब अन्य राजनयिकों से हुई मुलाकातों को सार्वजनिक किया गया, तो सिर्फ इस बैठक पर विवाद क्यों खड़ा किया गया. उनका कहना है कि किसी भी राजनीतिक दल के लिए अंतरराष्ट्रीय संवाद के दरवाजे खुले रखना जरूरी होता है. जमात का मानना है कि बातचीत ही रिश्तों को सुधारने का एकमात्र रास्ता है, न कि चुप्पी या टकराव.

भारत सरकार की प्रतिक्रिया और रिपोर्ट का असर

इस पूरे मामले पर भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. हालांकि, एजेंसियों ने भारतीय सरकारी सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि बांग्लादेश में कई राजनीतिक दलों से संपर्क साधा जा रहा है. यह विवाद एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट के बाद सामने आया, जिसमें दावा किया गया था कि जमात किसी आम सहमति वाली सरकार का हिस्सा बनने के लिए तैयार है.

पाकिस्तान को लेकर जमात का रुख

पाकिस्तान के साथ जमात के संबंधों को लेकर उठते सवालों पर भी शफीकुर रहमान ने स्थिति साफ की. उन्होंने कहा कि जमात किसी एक देश के पक्ष में झुकाव नहीं रखती. पार्टी सभी देशों के साथ संतुलित और सम्मानजनक संबंध चाहती है. उनका जोर इस बात पर था कि राष्ट्रों के बीच संवाद और संतुलन ही स्थायी कूटनीति की नींव होता है, न कि पक्षपात.