नई दिल्लीः बुल्गारिया गुरूवार से यूरो को अपनी आधिकारिक मुद्रा के रूप में अपनाने जा रहा है. इसके साथ ही वह यूरोजोन का 21वां सदस्य देश बन जाएगा. इस फैसले के तहत बुल्गारियाई लेव और यूरो जनवरी 2026 में साथ-साथ चलेंगे, जबकि 1 फरवरी 2026 से यूरो एकमात्र कानूनी मुद्रा बन जाएगी. कीमतों का दोहरा डिस्प्ले (लेव और यूरो दोनों में) अगस्त 2026 तक जारी रहेगा. वर्तमान में 27 सदस्यीय यूरोपीय संघ में केवल छह देश अभी भी अपनी राष्ट्रीय मुद्राओं का उपयोग कर रहे हैं.
यह कदम बुल्गारिया के लिए केवल आर्थिक नहीं, बल्कि राजनीतिक और भू-राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. बुल्गारिया 1 जनवरी 2007 को यूरोपीय संघ में शामिल हुआ था और करीब 19 साल बाद यह निर्णय उसके यूरोपीय एकीकरण की दिशा में एक बड़ा पड़ाव है. पूर्व प्रधानमंत्री रोसेन जेल्याजकोव के अनुसार, “यूरो केवल एक मुद्रा नहीं, बल्कि एक रणनीतिक विकल्प है,” जो यूरोप में बुल्गारिया की स्थिति को मजबूत करता है. रूस-यूक्रेन युद्ध और यूरोप में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच इसे रूस के प्रभाव से दूरी बनाने के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है.
ऐतिहासिक रूप से बुल्गारिया सोवियत संघ के प्रभाव क्षेत्र में रहा है. शीत युद्ध के दौरान वह वारसॉ संधि और COMECON का सदस्य था. 1980 के दशक के अंत में सोवियत संघ के कमजोर पड़ने के बाद, बुल्गारिया में राजनीतिक और आर्थिक परिवर्तन शुरू हुए और धीरे-धीरे उदार लोकतांत्रिक तथा पूंजीवादी व्यवस्था की ओर झुकाव बढ़ा.
हालांकि, देश के भीतर स्थिति अब भी पूरी तरह स्थिर नहीं है. 2021 के बाद से अब तक बुल्गारिया में सात संसदीय चुनाव हो चुके हैं. यह यूरोजोन के अपेक्षाकृत गरीब और भ्रष्टाचार-प्रभावित देशों में गिना जाता है. दिसंबर 2025 में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के बाद प्रधानमंत्री रोसेन जेल्याजकोव को इस्तीफा देना पड़ा. यूरो अपनाने को लेकर जनता भी बंटी हुई है लगभग 46.8% लोग इसके विरोध में हैं, जबकि 46.5% समर्थन में. विरोधियों को राष्ट्रीय पहचान और आर्थिक जोखिम की चिंता है, वहीं समर्थकों को उम्मीद है कि इससे जीवन स्तर और आर्थिक स्थिरता में सुधार होगा.
GDP वृद्धि 3% रहने का अनुमान
आर्थिक रूप से, 6.4 मिलियन आबादी वाले इस देश की GDP वृद्धि 2025 के अंत तक 3% रहने का अनुमान है. देश का ऋण-GDP अनुपात लगभग 26.3% है, जो यूरोपीय संघ के औसत से कहीं कम है. यही वजह है कि आर्थिक मोर्चे पर बुल्गारिया की यूरोज़ोन में एंट्री को अपेक्षाकृत मजबूत आधार वाला कदम माना जा रहा है.