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"सिर्फ शादी नहीं, साथ रहना भी जरूरी," अमेरिका में ग्रीन कार्ड के नियम सख्त!

अमेरिका में ग्रीन कार्ड पाने के लिए अमेरिकी नागरिक से शादी को लंबे समय से एक आसान रास्ता माना जाता रहा है.

Ashutosh Rai
Edited By: Ashutosh Rai
Courtesy: X

नई दिल्लीः अमेरिका में ग्रीन कार्ड पाने के लिए अमेरिकी नागरिक से शादी को लंबे समय से एक आसान रास्ता माना जाता रहा है. अब यह प्रक्रिया पहले जितनी सरल नहीं रही. अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (USCIS) ने साफ कर दिया है कि केवल शादी का प्रमाण-पत्र ग्रीन कार्ड के लिए काफी नहीं है. अब यह साबित करना जरूरी है कि शादी असली है और पति-पत्नी वास्तव में साथ रह रहे हैं.

एक साथ जीवन बिताने का हो पति-पत्नी का इरादा

USCIS के अनुसार, शादी “अच्छे विश्वास” में होनी चाहिए. यानी दोनों पति-पत्नी का इरादा एक साथ जीवन बिताने का हो, न कि सिर्फ आव्रजन लाभ लेने का. अधिकारियों की नजर इस बात पर रहती है कि दंपति एक ही घर में रहते हैं या नहीं, उनकी रोजमर्रा की जिंदगी कैसी है और उनका रिश्ता कितना वास्तविक है.

अलग-अलग रहने पर संदेह के घेर में आएंगे पति-पत्नी

आव्रजन विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पति-पत्नी अलग-अलग रहते हैं, तो उनका ग्रीन कार्ड आवेदन संदेह के घेरे में आ जाता है. ऐसे मामलों में USCIS गहन जांच कर सकता है. इसमें धोखाधड़ी की जांच, कड़े इंटरव्यू और अतिरिक्त दस्तावेजों की मांग शामिल हो सकती है. कई बार आवेदन खारिज भी हो जाता है.

ग्रीन कार्ड क्या है

ग्रीन कार्ड अमेरिका में स्थायी निवास की अनुमति देता है. इसके जरिए व्यक्ति अमेरिका में काम कर सकता है, रह सकता है और आगे चलकर नागरिकता के लिए आवेदन कर सकता है.

हालांकि, ग्रीन कार्ड धारकों को अमेरिकी नागरिकों जैसे सभी अधिकार नहीं मिलते. फिर भी, यह अप्रवासियों के लिए एक अहम दस्तावेज माना जाता है. इन सख्त नियमों के बीच शादी के आधार पर ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने वालों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि आवेदन से पहले कानूनी सलाह जरूर ली जाए, ताकि भविष्य में परेशानी न हो.

USCIS ने वर्क परमिट की अवधि घटी

यह बदलाव ऐसे समय में आए हैं जब अमेरिका में आव्रजन नीतियां सख्त की जा रही हैं. हाल ही में USCIS ने वर्क परमिट की अवधि 5 साल से घटाकर 18 महीने कर दी है. इसके अलावा, कुछ देशों से आने वाले ग्रीन कार्ड धारकों की समीक्षा और डायवर्सिटी वीजा लॉटरी से जुड़े फैसले भी लिए गए हैं. इन कदमों का मकसद सुरक्षा बढ़ाना और आव्रजन प्रणाली पर नियंत्रण मजबूत करना बताया जा रहा है.