नई दिल्ली: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के रावलाकोट में सोमवार को बड़ा हिंसक विवाद हो गया. पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर आरोप है कि उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर गोलीबारी कर दी, जिसमें कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई और दो दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए.
ज्वाइंट अवामी एक्शन कमिटी (JAAC) के नेतृत्व में लंबा मार्च चल रहा था. संगठन का आरोप है कि प्रदर्शनकारी चिनार चौक पहुंचने के बाद डी-चौक की ओर बढ़ रहे थे और रात में मकबूल भट शहीद चौक पर रुकने वाले थे. इसी दौरान सुरक्षा बलों ने उन पर गोली चला दी.
JAAC ने एक वीडियो बयान जारी कर कहा कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने निहत्थे युवाओं पर फायरिंग की. संगठन के मुताबिक मरने वालों में आंदोलन के संस्थापक उमर नजीर कश्मीरी के छोटे भाई उस्मान नजीर भी शामिल हैं. मरने वालों में कोटली, तत्तापानी, बनजा, छोटा गाला, हवेली और बलूचिस्तान से भी लोग शामिल बताए गए हैं.
JAAC ने विदेश में रह रहे कश्मीरियों से अपील की है कि वे पाकिस्तानी दूतावासों और संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे को उठाएं. संगठन ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी प्रशासन डर गया है और प्रदर्शनकारियों पर अत्याचार कर रहा है.
19 شہداۓ راولاکوٹ لانگ مارچ 27 جولائی 2026 بروز سوموار
— JKJAAC (@JKJAAC_) July 28, 2026
1) نعیم بٹ ، کوٹلی آزاد جموں کشمیر
2) عثمان نذیر ، راولاکوٹ آزاد جموں کشمیر
3) نثار احمد ، بلوچ آزاد جموں کشمیر
4) کاشف یعقوب راولاکوٹ آزاد جموں کشمیر
5) سردار فدا حسین تراڑکھل آزاد جموں کشمیر
6) مزمل ، علی سوجل آزاد…
नईम बट (कोटली)
उस्मान नज़ीर (रावलाकोट)
निसार अहमद (बलूच)
काशिफ़ याक़ूब (रावलाकोट)
सरदार फ़िदा हुसैन (त्रार खल)
मुजम्मिल (अली सोजल)
बासित शाह (हजीरा)
फहीम अफ़ज़ल (छोटा गाला, रावलकोट)
कामरान मुश्ताक पनाखा (मुश्ताक का बेटा, हजीरा)
जरघम खलील (दारेक, रावलकोट)
साकिब हनीफ (रीरह बान, रावलकोट)
साकिब इशाक (नंब गवारा, पल्लंद्री)
अरिल असगर (तत्तापानी)
उस्मान गुल (दारेक ढोक, रावलकोट)
जफीर पहलवान (त्रार खेल)
निसार शाहीन (पाखो नरबाई)
अली हुसैन (खारी शरीफ, मीरपुर)
ख्वाजा अबरार लतीफ डार (खुर्शीदाबाद, हवेली)
कामरान हाफ़िज़ (कहुटा)
भारत ने PoK में हुई इस घटना की कड़ी निंदा की है. भारत सरकार का कहना है कि यह घटना पाकिस्तान द्वारा PoK में लंबे समय से हो रहे शोषण और दमन की वजह से हुई है. नई दिल्ली ने कहा कि पाकिस्तान के प्रशासन के खिलाफ PoK में लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है.