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'हमेशा के लिए जगह नहीं घेर सकते', रामलीला मैदान में प्रदर्शन पर SC ने प्रदर्शनकारियों को लगाई फटकार

सुप्रीम कोर्ट ने रामलीला मैदान में हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर कहा कि किसी प्रदर्शन स्थल पर हमेशा के लिए कब्जा नहीं किया जा सकता.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
'हमेशा के लिए जगह नहीं घेर सकते', रामलीला मैदान में प्रदर्शन पर SC ने प्रदर्शनकारियों को लगाई फटकार
Courtesy: Pinterest

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर सख्त टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा कि किसी प्रदर्शन स्थल पर हमेशा के लिए कब्जा नहीं किया जा सकता. अदालत ने केंद्र और अन्य संबंधित पक्षों से व्यापारिक संगठनों की उस याचिका पर जवाब मांगा, जिसमें त्योहारों के दौरान प्रदर्शन खत्म कराने की मांग की गई है.

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना भी शामिल थे. पीठ के सामने दिल्ली की किराना कमेटी समेत कई याचिकाएं थीं. व्यापारिक संगठनों ने दावा किया कि रामलीला मैदान में हुए प्रदर्शन के कारण आसपास के बाजारों में कारोबार प्रभावित हुआ और व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा.

मुख्य न्यायाधीश ने क्या कहा?

सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हर व्यक्ति को विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन इसके लिए निर्धारित समय और अवधि होनी चाहिए. कोर्ट ने यह भी पूछा कि अगर कोई एक जगह हमेशा प्रदर्शन के लिए घेर ली जाएगी तो किसान, पत्रकार और अन्य लोग वहां अपनी गतिविधियां कैसे कर पाएंगे.

व्यापारियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि प्रदर्शन स्थल के आसपास करीब 50 लाख लोग रहते हैं. उन्होंने दावा किया कि मंगलवार को कई दुकानें बंद रहीं और कनॉट प्लेस लगभग खाली नजर आया. हालांकि, कोर्ट ने कहा कि इस मामले पर आगे सुनवाई तभी की जा सकती है जब प्रदर्शन आयोजित करने वाले सभी राजनीतिक दलों और संगठनों को भी मामले में पक्ष बनाया जाए.

व्यापारी संगठनों का क्या है कहना?

व्यापारी संगठनों ने दावा किया कि 1 नवंबर को रामलीला मैदान में हुई विपक्षी दलों की रैली का दिल्ली के कारोबार पर बड़ा असर पड़ा. चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के मुताबिक 25 प्रमुख थोक और खुदरा बाजारों में करीब 3 लाख दुकानों में से लगभग 2.5 लाख दुकानें बंद रहीं या कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ.

संगठन ने चांदनी चौक, सदर बाजार, कनॉट प्लेस, करोल बाग और कश्मीरी गेट जैसे प्रमुख बाजारों का जिक्र करते हुए दावा किया कि दिवाली से पहले कारोबार को भारी नुकसान हुआ. व्यापारिक संगठनों ने नुकसान का अनुमान 10,000 करोड़ से 12,000 करोड़ रुपये के बीच बताया है. हालांकि, ये व्यापारिक संगठनों द्वारा लगाए गए अनुमान हैं.