Cyclone Murasu: आंध्र प्रदेश में चक्रवाती तूफान मुरसु ने दस्तक दे दी है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मंगलवार तड़के दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट पर ओंगोल के पास तूफान ने जमीन में प्रवेश किया. इसके चलते तटीय इलाकों में तेज हवाएं चल रही हैं और भारी बारिश का खतरा बढ़ गया है. मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
जानकारी के मुताबिक, चक्रवात ने नेल्लोर और नरसापुर के बीच तट को पार किया है. इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई है. इसके बढ़कर 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की आशंका है. तूफान के कारण समुद्र में भी तेज हलचल देखने को मिल रही है.
मौसम विभाग ने अगले 12 घंटों के दौरान दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी बारिश का अनुमान जताया है. समुद्र में सामान्य से 1 से 1.5 मीटर तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं. इससे निचले इलाकों में पानी भरने और जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है. बापटला, कृष्णा और प्रकाशम जिलों में समुद्री लहरों का सबसे ज्यादा असर पड़ने की आशंका है. तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में पहले से ही भारी बारिश हो चुकी है.
चक्रवात के असर से हवाई सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं. विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम और तिरुपति एयरपोर्ट से संचालित होने वाली कम से कम 19 घरेलू उड़ानें रद्द कर दी गई हैं. विजयवाड़ा एयरपोर्ट पर इंडिगो की 10 और एयर इंडिया एक्सप्रेस की 2 उड़ानें रद्द हुई हैं. वहीं विशाखापत्तनम में 4 और तिरुपति में 3 उड़ानें रद्द की गई हैं. यात्रियों को एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस चेक करने की सलाह दी गई है.
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को सतर्क रहने और जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं. दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में बारिश और तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए प्रशासन को तैयार रहने को कहा गया है.
वहीं, राज्य के ऊर्जा विभाग ने बिजली कंपनियों को हाई अलर्ट पर रखा है. अधिकारियों को बिजली के खंभों, तारों और अन्य उपकरणों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे तूफान के दौरान बिजली आपूर्ति प्रभावित न हो. प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और तूफान से होने वाले नुकसान को कम करना है.