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India Daily

दिल्ली-एनसीआर में तत्काल प्रभाव से लागू हुआ GRAP-II, बहुत खराब श्रेणी में पहुंची हवा

इस सीजन में पहली बार वायु गुणवत्ता के बहुत खराब श्रेणी में पहुंचते ही दिल्ली-एनसीआर में तत्काल प्रभाव से GRAP-II लागू कर दिया गया है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
दिल्ली-एनसीआर में तत्काल प्रभाव से लागू हुआ GRAP-II, बहुत खराब श्रेणी में पहुंची हवा
Courtesy: @airnewsalerts

दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण लगातार बढ़ने के बाद सोमवार को ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के दूसरे चरण यानी GRAP-2 को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया. वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने यह फैसला दिल्ली की हवा बेहद खराब श्रेणी में पहुंचने के बाद लिया.

2 नवंबर को शाम 4 बजे दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 324 दर्ज किया गया. इस सीजन में पहली बार हवा इस स्तर तक खराब हुई है. आयोग के मुताबिक, मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण आने वाले दिनों में भी प्रदूषण का स्तर बेहद खराब बना रह सकता है.

सभी एजेंसियों को दिए गए निर्देश

CAQM की GRAP उप-समिति ने भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के पूर्वानुमानों की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया. इसके तहत NCR में पहले चरण के साथ दूसरे चरण के सभी उपाय लागू करने के निर्देश दिए गए हैं.

सड़कों की सफाई और धूल पर नियंत्रण

GRAP-2 लागू होने के बाद सड़कों की नियमित मशीनों से सफाई की जाएगी. धूल कम करने के लिए पानी का छिड़काव और एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा. कूड़े और निर्माण से निकलने वाले मलबे का उचित निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा. खुले में कचरा जलाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी.

वाहनों और ट्रैफिक पर सख्ती

प्रदूषण कम करने के लिए व्यस्त सड़कों और चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती बढ़ाई जाएगी, ताकि जाम की स्थिति न बने. वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) की जांच तेज होगी. ज्यादा धुआं छोड़ने वाले वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी. पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों से जुड़े नियमों का भी सख्ती से पालन कराया जाएगा.

 उद्योगों और रेस्टोरेंट पर भी नजर

औद्योगिक इकाइयों, ईंट भट्ठों और बिजली संयंत्रों का निरीक्षण बढ़ाया जाएगा. यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वे प्रदूषण नियंत्रण नियमों और निर्धारित ईंधन का इस्तेमाल कर रहे हैं. होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों को तंदूर में कोयले और लकड़ी की जगह बिजली या गैस आधारित उपकरण इस्तेमाल करने के लिए कहा गया है.

इसके अलावा, डीजल जनरेटर पर निर्भरता कम करने के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर जनरेटर के इस्तेमाल पर नियंत्रण रहेगा.

मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन की बढ़ेगी सुविधा

वाहनों से निकलने वाले धुएं को कम करने के लिए मेट्रो, RRTS और CNG व इलेक्ट्रिक बसों की सेवाओं की संख्या और आवृत्ति बढ़ाई जाएगी. सरकारी और निजी कार्यालयों को कर्मचारियों के लिए साझा परिवहन की व्यवस्था करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है.

आम लोगों के लिए CAQM की सलाह

आयोग ने लोगों से निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन और कारपूलिंग अपनाने की अपील की है. वाहन चालकों को PUC प्रमाणपत्र वैध रखने, गाड़ियों की नियमित सर्विस कराने और ट्रैफिक सिग्नल पर इंजन बंद रखने की सलाह दी गई है.

लोगों से कचरा खुले में नहीं जलाने, डीजल जनरेटर का इस्तेमाल सीमित रखने और पटाखे नहीं फोड़ने को भी कहा गया है. प्रदूषण संबंधी शिकायतें 311, ग्रीन दिल्ली और SAMEER ऐप के जरिए दर्ज कराई जा सकती हैं.

 तीन दिनों में तेजी से बिगड़ी दिल्ली की हवा

दिल्ली में पिछले तीन दिनों के दौरान AQI में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. शुक्रवार को भारी बारिश के बाद AQI 60 दर्ज किया गया था. यह चार वर्षों में अक्टूबर का सबसे साफ दिन रहा. इसके बाद 31 अक्टूबर को AQI बढ़कर 117 यानी मध्यम श्रेणी में पहुंच गया. 1 नवंबर को यह 261 के साथ खराब श्रेणी में था, जबकि 2 नवंबर को शाम 4 बजे 324 दर्ज किया गया. सोमवार सुबह 7:05 बजे ही AQI 307 पहुंच चुका था.

दिल्ली के 59 वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों में से 58 के आंकड़े उपलब्ध थे. इनमें से 36 केंद्रों पर हवा बेहद खराब श्रेणी में रही. जहांगीरपुरी में AQI 417 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी में है. पांच केंद्रों पर हवा मध्यम श्रेणी में थी, जबकि बाकी केंद्रों पर स्थिति खराब रही.

अगले 7 से 10 दिनों तक राहत की उम्मीद कम

मौसम विशेषज्ञ नवदीप दहिया ने चेतावनी दी है कि स्मॉग का मौसम शुरू हो चुका है. उनके मुताबिक, दिल्ली-NCR के ज्यादातर निगरानी केंद्रों पर AQI 300 से ऊपर है और कुछ जगहों पर इसके 400 से 500 तक पहुंचने की आशंका है.

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि उत्तर-पश्चिम दिशा से हवाएं चल रही हैं, लेकिन उनकी गति कम है. ऐसे में प्रदूषक वातावरण में लंबे समय तक बने रह सकते हैं. उनके अनुसार, अगले 7 से 10 दिनों तक मौसम में प्रदूषण कम करने वाली अनुकूल परिस्थितियां बनने की उम्मीद नहीं है. इससे दिल्ली-NCR और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में स्मॉग बढ़ सकता है.