जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में सुरक्षा बलों ने आतंकवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है. चार दिन पहले शुरू हुई मुठभेड़ के बाद बुधवार को लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष कमांडर जाकिर गनई का शव हथियारों के साथ चानपोरा गांव से बरामद किया गया. शव मिलने के साथ ही यह स्पष्ट हो गया कि मुठभेड़ में मारा गया आतंकवादी जाकिर गनई ही था.
सुरक्षा एजेंसियां अब भी पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान चला रही हैं ताकि किसी अन्य आतंकवादी की मौजूदगी की संभावना को पूरी तरह समाप्त किया जा सके. जानकारी के अनुसार, शनिवार को दो संदिग्ध आतंकवादी इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों में दिखाई दिए थे. इसके बाद सुरक्षा बलों ने तत्काल घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया.
अधिकारियों के अनुसार, सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ने मीमंदर इलाके में संयुक्त अभियान चलाया था. शुरुआती जानकारी में सामने आया था कि दो आतंकवादी घने बाग के भीतर छिपे हुए हैं. सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर तलाशी तेज कर दी और रातभर अभियान जारी रखा.
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, घिरे हुए आतंकवादियों की पहचान जाकिर और लतीफ के रूप में हुई थी. दोनों दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के निवासी बताए गए हैं. जांच में सामने आया कि जाकिर वर्ष 2024 से प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ था, जबकि लतीफ ने पिछले वर्ष संगठन की सदस्यता ली थी.
Shopian, Jammu and Kashmir: A body was recovered near the encounter site in Chanapora, Shopian. Security forces have launched a fresh cordon and search operation (CASO) in the area. pic.twitter.com/Yh7z4Idjk4
— IANS (@ians_india) July 8, 2026
मुठभेड़ उस समय शुरू हुई जब आतंकवादियों ने तलाशी अभियान में जुटी सेना की टीम पर अचानक गोलीबारी कर दी. जवाबी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने भी मोर्चा संभाला और दोनों ओर से फायरिंग शुरू हो गई. इसके बाद आतंकवादी बाग के भीतर छिप गए, जिसके चलते अभियान कई दिनों तक चला. फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे क्षेत्र की बारीकी से तलाशी ले रही हैं और अभियान को अंतिम चरण तक जारी रखा गया है. आगे और भी अपडेट आ सकते हैं.