देहरादून: कांवड़ मेला 2026 को लेकर उत्तराखंड का देहरादून जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है. इस बार प्रशासन का सबसे बड़ा फोकस कांवड़ मार्ग पर संचालित होटल, ढाबों, भोजनालयों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के सत्यापन पर रहेगा. जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों के साथ हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की आस्था, सुरक्षा और सुविधाओं से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा.
इसके लिए सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं. जिलाधिकारी ने पर्यटन विभाग को कांवड़ मार्ग पर संचालित सभी होटल, ढाबों और भोजनालयों का अनिवार्य सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं.
साथ ही ऋषिकेश नगर निगम को फर्जी नाम से संचालित प्रतिष्ठानों, अवैध दुकानों और नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
बैठक में बताया गया कि कांवड़ मेला 30 जुलाई से 11 अगस्त तक आयोजित होगा. 31 जुलाई से 4 अगस्त के बीच सबसे अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, जबकि 8 अगस्त से 11 अगस्त तक डाक कांवड़ का संचालन होगा. शिवालयों में जलाभिषेक के साथ यात्रा का समापन होगा. जिलाधिकारी ने सभी विभागों को 25 जुलाई तक मेले से जुड़ी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं.
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पूरे कांवड़ मार्ग को चार जोन और 13 सेक्टरों में बांटा गया है. परिवहन विभाग को जिले की सीमाओं पर वाहनों की जांच, ओवरलोडिंग रोकने और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए विशेष निगरानी रखने को कहा गया है. वहीं पुलिस विभाग को सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं.
प्रशासन ने ऋषिकेश क्षेत्र में मांस और मदिरा की बिक्री पर प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं. खाद्य सुरक्षा विभाग को भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच करने और जिला पूर्ति अधिकारी को सभी दुकानों पर रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित कराने को कहा गया है. ओवररेटिंग करने वाले दुकानदारों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाएगा.
इसके अलावा लोक निर्माण विभाग को सड़क मरम्मत, पुलों की रेलिंग ठीक करने, स्ट्रीट लाइट और सीसीटीवी लगाने के निर्देश दिए गए हैं. गंगा घाटों पर सुरक्षा चेन, सफाई, फॉगिंग और दवा छिड़काव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी. स्वास्थ्य विभाग को 24 घंटे मेडिकल टीमें, एंबुलेंस और आवश्यक दवाएं उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.