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India Daily

पीएम मोदी आज 'बीमा सखी योजना' का करेंगे शुभारंभ, पानीपत में बढ़ाई गई सुरक्षा

पीएम मोदी आज हरियाणा दौरे पर हैं, इस दौरान प्रधानमंत्री बीमा सखी योजना का शुभारंभ करेंगे. अक्टूबर में भाजपा सरकार बनने के बाद पीएम मोदी का यह दूसरा हरियाणा दौरा होगा.

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Edited By: Kamal Kumar Mishra
PM Modi
Courtesy: x

PM Modi in Panipat: पानीपत जिले के अधिकारियों ने बताया कि LIC की बीमा सखी योजना के शुभारंभ के लिए सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे को देखते हुए हरियाणा के पानीपत में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. पीएम मोदी महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर की आधारशिला भी रखेंगे.

उन्होंने बताया कि भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की यह पहल 18 से 70 वर्ष की आयु की उन महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए तैयार की गई है, जो 10वीं कक्षा पास हैं. अक्टूबर में भाजपा सरकार बनने के बाद मोदी का यह दूसरा हरियाणा दौरा होगा. इससे पहले, वह 18 अक्टूबर को पंचकूला में नायब सिंह सैनी और उनके मंत्रिमंडल के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए थे.

अक्टूबर में विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा ने हरियाणा में लगातार तीसरी बार सरकार बनाई. प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि महिला सशक्तिकरण और वित्तीय समावेशन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप प्रधानमंत्री पानीपत में 'बीमा सखी योजना' का शुभारंभ करेंगे. वरिष्ठ भाजपा नेता सतीश पूनिया ने कहा कि योजना के शुभारंभ समारोह में करीब एक लाख महिलाएं मोदी का स्वागत करेंगी. पूनिया ने रविवार को पीएम के कार्यक्रम स्थल का दौरा किया और तैयारियों का जायजा लिया.

प्रदेश के सीएम ने क्या कहा?

इससे पहले मुख्यमंत्री नायब सैनी ने भी कार्यक्रम स्थल पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया था.
पूनिया ने कहा कि हमारी सरकार महिला सशक्तिकरण को लेकर हमेशा गंभीर रही है और यह प्रधानमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक रही है. उन्होंने कहा कि बीमा सखी योजना से महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. 

700 करोड़ की लागत से अनुसंधान केंद्रों की स्थापना

अधिकारियों ने बताया कि मोदी भावी बीमा सखियों को नियुक्ति प्रमाण पत्र वितरित करेंगे. प्रधानमंत्री करनाल में महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर की आधारशिला भी रखेंगे. अधिकारियों ने बताया कि 495 एकड़ में फैले मुख्य परिसर और छह क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्रों की स्थापना 700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से की जाएगी.