विजयनगरम: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 अगस्त 2026 को आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले में भोगापुरम स्थित अल्लूरी सीतारामा राजू इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया. यह एयरपोर्ट 4,727 करोड़ रुपये की लागत से मात्र 31 महीनों में बनकर तैयार हुआ है. पहले चरण में यह एयरपोर्ट सालाना 60 लाख यात्रियों को हैंडल कर सकेगा. भविष्य में इसे बढ़ाकर सालाना 4 करोड़ यात्रियों की क्षमता वाला बनाया जाएगा.
एयरपोर्ट तीन चरणों में विकसित किया जा रहा है. एयरपोर्ट में 3,800 मीटर लंबी Code 4E रनवे है. इसमें आधुनिक यात्री टर्मिनल, कार्गो सुविधाएं और घरेलू व अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर है. यह उत्तर आंध्र प्रदेश के विकास में बड़ा मील का पत्थर साबित होगा.
#WATCH | Vizianagaram, Andhra Pradesh: Prime Minister Narendra Modi inaugurates the Alluri Sitarama Raju International Airport at Bhogapuram.
He will dedicate to the nation multiple development projects worth over Rs 17,900 crore in Bhogapuram.
(Source: DD) pic.twitter.com/1QWR87bLRN— ANI (@ANI) August 1, 2026Also Read
एयरपोर्ट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बायोमेट्रिक सिस्टम और आधुनिक टेक्नोलॉजी लगाई गई हैं. टर्मिनल की छत आंध्र प्रदेश की पारंपरिक झोपड़ियों (चुट्टिलु) से प्रेरित है. अराकू घाटी के नजारे भी डिजाइन में शामिल किए गए हैं. इससे एयरपोर्ट देखने में बहुत सुंदर और सांस्कृतिक लगता है. यह एयरपोर्ट उत्तर आंध्र प्रदेश के विकास को नई रफ्तार देगा. रोजगार बढ़ेगा, पर्यटन बढ़ेगा और इलाके की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी. मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने इसे उत्तर आंध्र के सपनों को उड़ान देने वाला बताया.
एयरपोर्ट टर्मिनल का उद्घाटन करने के बाद पीएम मोदी ने गवर्नर एस अब्दुल नजीर और मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के साथ पूरा एयरपोर्ट देखा. इसके बाद वे पब्लिक मीटिंग स्थल गए, जहां 13,500 से ज्यादा आदिवासी महिलाएं और छात्र धिम्सा नृत्य करके उनका स्वागत कर रहे थे.
पीएम मोदी ने इस दौरान करीब 18,000 करोड़ रुपये के कई प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास किया.
सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट: विशाखापट्टनम में 460 करोड़ रुपये का ASIP सेमीकंडक्टर प्लांट. यह आंध्र प्रदेश का पहला सेमीकंडक्टर प्लांट है. यहां सालाना 9 करोड़ 60 लाख चिप्स बनेंगे.
पावर सेक्टर: कर्नूल में 4.5 गीगावॉट रिन्यूएबल एनर्जी जोन के लिए 5,550 करोड़ रुपये का ट्रांसमिशन सिस्टम.
नेशनल हाईवे: 1,880 करोड़ रुपये से ज्यादा के हाईवे प्रोजेक्ट्स, जिसमें नई सड़कें और पुल शामिल हैं.