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मानसून सत्र से पहले BAC की बड़ी बैठक, 6 अहम बिलों पर चर्चा का पूरा शेड्यूल तय

संसद के मॉनसून सत्र से पहले लोकसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में प्रमुख विधेयकों पर चर्चा का समय तय किया गया. स्पीकर ओम बिरला ने सभी दलों से सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की.

KanhaiyaaZee
मानसून सत्र से पहले BAC की बड़ी बैठक, 6 अहम बिलों पर चर्चा का पूरा शेड्यूल तय
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से ठीक पहले लोकसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने सत्र के एजेंडे पर चर्चा की. बैठक में कई अहम विधेयकों पर बहस के लिए समय निर्धारित किया गया. साथ ही स्पीकर ने सभी दलों से जनहित के मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा सुनिश्चित करने का आग्रह किया.

बैठक के दौरान लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सभी राजनीतिक दलों से संसद की गरिमा बनाए रखने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि सदन का संचालन सुचारु रूप से होना चाहिए, ताकि जनता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक और रचनात्मक चर्चा हो सके. उन्होंने सभी सदस्यों से सहयोगात्मक भूमिका निभाने की अपील भी की.

कई प्रमुख विधेयकों पर तय हुआ चर्चा का समय

बैठक में विदेशी चंदे की पारदर्शिता, सॉवरेन डेट मार्केट, जन्म और मृत्यु पंजीकरण, राष्ट्रीय सम्मान की सुरक्षा तथा अन्य महत्वपूर्ण विषयों से जुड़े विधेयकों पर चर्चा के लिए समय निर्धारित किया गया. अधिकांश विधेयकों पर चार घंटे की बहस तय की गई, जबकि एमएसएमई संशोधन विधेयक के लिए पांच घंटे का समय निर्धारित किया गया.

सुप्रीम कोर्ट और एमएसएमई से जुड़े प्रस्ताव भी एजेंडे में

बैठक में सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने से जुड़े संशोधन विधेयक पर भी चर्चा का समय तय किया गया. प्रस्ताव के अनुसार मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर न्यायाधीशों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 किए जाने का प्रावधान है. वहीं एमएसएमई क्षेत्र से जुड़े संशोधन का उद्देश्य कारोबार को आसान बनाना और भुगतान व्यवस्था को मजबूत करना बताया गया.

जनहित के मुद्दों पर भी हुई चर्चा

बैठक के दौरान विभिन्न दलों के सदस्यों ने राष्ट्रीय और जनहित से जुड़े कई मुद्दों को मॉनसून सत्र में शामिल करने का सुझाव दिया. इन विषयों पर चर्चा कराने की मांग भी उठाई गई, ताकि संसद के माध्यम से आम जनता से जुड़े सवालों पर प्रभावी विमर्श हो सके.

उत्पादक सत्र की जताई उम्मीद

बैठक के अंत में स्पीकर ओम बिरला ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी राजनीतिक दल मिलकर मॉनसून सत्र को सार्थक और जनहितकारी बनाएंगे. उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और यहां होने वाली चर्चा देशहित में सकारात्मक परिणाम देने वाली होनी चाहिए.