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'जहां इतने नौजवान हों, वहां जुल्म नहीं करना चाहिए, सबक सीखना चाहिए...', बांग्लादेश पर बोलीं महबूबा मुफ्ती

Mehbooba Mufti on Bangladesh: बांग्लादेश में अचानक हुई सत्ता की तख्तपलट पर दुनिया भर की नजर है खासतौर से उसके पड़ोसी देश भारत की जिससे करीब 4 हजार किमी की सीमा वो साझा करता है. बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने फिलहाल इस्तीफा देने के बाद भारत में ही शरण ली है. इस बीच देश के कई नेता बांग्लादेश के हालातों से सबक लेने की सीख दे रहे हैं.

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Edited By: India Daily Live
Mehbooba Mufti
Courtesy: Social

Mehbooba Mufti on Bangladesh: बांग्लादेश में हुए सत्ता परिवर्तन के हालातों से सीख लेने की नसीहत देने वालों में अब नया नाम जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती का भी जुड़ गया है जिन्होंने जम्मू-कश्मीर से हालातों की तुलना करते हुए सरकार का सीधा नाम भले नहीं लिया लेकिन सीख लेने की नसीहत जरूर दे डाली.

मुफ्ती ने कहा भारत को सीख लेने की जरूरत

मीडिया से बातचीत के दौरान महबूबा मुफ्ती ने बांग्लादेश के हालात का जिक्र किया और कहा कि वहां जो कुछ भी हो रहा है उससे हमारे देश को सीख लेनी चाहिए. महबूबा मुफ्ती ने ये भी कहा कि जिस देश में युवा ज्यादा होते हैं वहां तानाशाही ज्यादा दिन नहीं चलती है. यहां मुफ्ती ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को अप्रत्यक्ष रूप से तानाशाह बताया.

बांग्लादेश के मुद्दे पर पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा, 'बांग्लादेश में जो कुछ भी हुआ और हो रहा है, मुझे लगता है कि हमारे देश को उससे सबक लेना चाहिए. जब ​​आपके पास बड़ी युवा आबादी हो और आप उन्हें नजरअंदाज करने की कोशिश करें - जब महंगाई और बेरोजगारी उन पर हावी हो जाए, तो ऐसे हालात पैदा होते हैं... कमजोर तबके के लिए आरक्षण अच्छा है, लेकिन यह आबादी के अनुपात में होना चाहिए. हमें सबक लेना चाहिए कि तानाशाही ज्यादा दिन नहीं चलती.'

टूट सकता है कश्मीर के युवाओं का धैर्य

मुफ्ती ने आगे बात करते हुए कहा कि जब आप ऐसी नीतियां और कानून लाते हैं जो लोगों के खिलाफ हों और धैर्य की सीमा टूट जाए, तो आपको शेख हसीना की तरह बचकर निकलना पड़ता है. खास तौर पर जम्मू-कश्मीर के मामले में हमें बांग्लादेश से सबक लेना चाहिए - जहां युवाओं के पास बहुत सी समस्याएं हैं, साथ ही युवा खुद को असहाय महसूस करते हैं, जैसा कि बांग्लादेश में हुआ था. दबाव, शोषण और यूएपीए, ये सब इसमें इजाफा करते हैं. मुझे लगता है कि इसे बदलने की जरूरत है... मुझे उम्मीद है कि बांग्लादेश जैसी स्थिति यहां नहीं दोहराई जाएगी.

मुफ्ती के इस बयान को जम्मू-कश्मीर से जोड़ने पर उनकी आलोचना भी की जा रही है. इससे पहले झारखंड मुक्ति मोर्चा की सांसद महुआ माजी ने बांग्लादेश के हालातों पर कहा कि हिंसा को किसी भी तरह से सही नहीं ठहराया जा सकता जो कि वहां देखने को मिल रही है. बहुत सारे लोगों की जिंदगी मुश्किल में है, तानाशाही गलत है लेकिन हम यही उम्मीद करते हैं कि वहां जल्द ही शांति होगी क्योंकि बांग्लादेश हमारा बहुत ही करीबी पड़ोसी है. अगर वहां अस्थिरता होती है तो वो भारत को भी प्रभावित करेगी. हमारी सरकार को भी उनसे सीख लेकर विपक्ष को सुनने की आदत डालनी चाहिए.


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