Mehbooba Mufti on Bangladesh: बांग्लादेश में हुए सत्ता परिवर्तन के हालातों से सीख लेने की नसीहत देने वालों में अब नया नाम जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती का भी जुड़ गया है जिन्होंने जम्मू-कश्मीर से हालातों की तुलना करते हुए सरकार का सीधा नाम भले नहीं लिया लेकिन सीख लेने की नसीहत जरूर दे डाली.
मीडिया से बातचीत के दौरान महबूबा मुफ्ती ने बांग्लादेश के हालात का जिक्र किया और कहा कि वहां जो कुछ भी हो रहा है उससे हमारे देश को सीख लेनी चाहिए. महबूबा मुफ्ती ने ये भी कहा कि जिस देश में युवा ज्यादा होते हैं वहां तानाशाही ज्यादा दिन नहीं चलती है. यहां मुफ्ती ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को अप्रत्यक्ष रूप से तानाशाह बताया.
बांग्लादेश के मुद्दे पर पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा, 'बांग्लादेश में जो कुछ भी हुआ और हो रहा है, मुझे लगता है कि हमारे देश को उससे सबक लेना चाहिए. जब आपके पास बड़ी युवा आबादी हो और आप उन्हें नजरअंदाज करने की कोशिश करें - जब महंगाई और बेरोजगारी उन पर हावी हो जाए, तो ऐसे हालात पैदा होते हैं... कमजोर तबके के लिए आरक्षण अच्छा है, लेकिन यह आबादी के अनुपात में होना चाहिए. हमें सबक लेना चाहिए कि तानाशाही ज्यादा दिन नहीं चलती.'
मुफ्ती ने आगे बात करते हुए कहा कि जब आप ऐसी नीतियां और कानून लाते हैं जो लोगों के खिलाफ हों और धैर्य की सीमा टूट जाए, तो आपको शेख हसीना की तरह बचकर निकलना पड़ता है. खास तौर पर जम्मू-कश्मीर के मामले में हमें बांग्लादेश से सबक लेना चाहिए - जहां युवाओं के पास बहुत सी समस्याएं हैं, साथ ही युवा खुद को असहाय महसूस करते हैं, जैसा कि बांग्लादेश में हुआ था. दबाव, शोषण और यूएपीए, ये सब इसमें इजाफा करते हैं. मुझे लगता है कि इसे बदलने की जरूरत है... मुझे उम्मीद है कि बांग्लादेश जैसी स्थिति यहां नहीं दोहराई जाएगी.
#WATCH | On the Bangladesh issue, PDP Chief Mehbooba Mufti says, "Whatever has happened and is happening in Bangladesh, I think our country should take a lesson from it. When you have a huge youth population and you try to ignore them - when inflation and unemployment hit them,… pic.twitter.com/BIkbTjQpuW
— ANI (@ANI) August 7, 2024
मुफ्ती के इस बयान को जम्मू-कश्मीर से जोड़ने पर उनकी आलोचना भी की जा रही है. इससे पहले झारखंड मुक्ति मोर्चा की सांसद महुआ माजी ने बांग्लादेश के हालातों पर कहा कि हिंसा को किसी भी तरह से सही नहीं ठहराया जा सकता जो कि वहां देखने को मिल रही है. बहुत सारे लोगों की जिंदगी मुश्किल में है, तानाशाही गलत है लेकिन हम यही उम्मीद करते हैं कि वहां जल्द ही शांति होगी क्योंकि बांग्लादेश हमारा बहुत ही करीबी पड़ोसी है. अगर वहां अस्थिरता होती है तो वो भारत को भी प्रभावित करेगी. हमारी सरकार को भी उनसे सीख लेकर विपक्ष को सुनने की आदत डालनी चाहिए.