Kulgam Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में हुए आतंकी हमले के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने हमले में जान गंवाने वाले दो प्रवासी मजदूरों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है. मुख्यमंत्री ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है. शुक्रवार को कुलगाम के केलम इलाके में आतंकियों ने दो गैर-स्थानीय मजदूरों पर गोलीबारी की थी. हमले में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल दूसरे मजदूर ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. दोनों मजदूर छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे और रोजगार के सिलसिले में जम्मू-कश्मीर आए थे.
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया मंच X पर जारी संदेश में हमले की कड़ी निंदा की. उन्होंने इस घटना को "कायराना" और 'निरर्थक हिंसा' बताया. साथ ही घोषणा की कि दोनों मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. उन्होंने कहा कि सरकार इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है.
Chief Minister has strongly condemned the dastardly killing of two labourers in Kulgam and expressed profound grief over the loss of innocent lives.
— Office of Chief Minister, J&K (@CM_JnK) August 1, 2026
He announced ex-gratia relief of ₹10 lakh each from the Chief Minister’s Relief Fund for the next of kin of the deceased. This…
हमले में एक मजदूर की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया था. उसे इलाज के लिए एसकेआईएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया. दोनों मृतक 20 से 29 वर्ष की आयु वर्ग के थे और छत्तीसगढ़ से काम करने के लिए जम्मू-कश्मीर पहुंचे थे.
उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि पहले पहलगाम और अनंतनाग में भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं और अब कुलगाम में प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाया गया है. उन्होंने कहा कि आतंकवाद की ऐसी घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं और निर्दोष लोगों की हत्या की कड़ी निंदा की जानी चाहिए.
I spoke with the DGP, Shri Nalin Prabhat and top security officials following the brutal terrorist attack in Kulgam in which a labourer from Chhattisgarh was killed. I strongly condemn this cowardly act. I have directed our security forces to step up their operations and…
— Manoj Sinha (@manojsinha_) July 31, 2026
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी हमले की निंदा करते हुए पुलिस महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों से बातचीत की. उन्होंने सुरक्षा बलों को आतंकियों के खिलाफ अभियान तेज करने और हमलावरों को जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए. घटना के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है.
रिपोर्टों के अनुसार, द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है. यह संगठन पाकिस्तान समर्थित लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़ा माना जाता है. सोशल मीडिया पर प्रसारित संदेशों में संगठन ने बाहरी लोगों और जम्मू-कश्मीर पुलिस कर्मियों पर आगे भी हमले करने की धमकी देने का दावा किया है. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.