Kerala Heavy Rain: केरल में लगातार हो रही भारी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. वायनाड और कोझिकोड जिलों में हालात सबसे ज्यादा खराब है, जहां तेज बारिश के चलते जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है. वायनाड जिले के वेन्नियोड इलाके में भारी बारिश के कारण सड़क धंस गई है, जिससे इलाके की कनेक्टिविटी पूरी तरह ठप हो गई है. सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने 19 आदिवासी परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया है. पूरे जिले में अब तक 38 परिवारों को राहत शिविरों में भेजा गया है.
नदी का जलस्तर बढ़ गया है और निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन चुके हैं. इससे निपटने के लिए आपातकालीन राहत कार्य तेजी से चल रहे हैं. नेशनल हाईवे 766, खासकर कोझिकोड से कोल्लेगल की ओर जाने वाला रास्ता पूरी तरह बाधित हो गया है, क्योंकि तेज हवाओं की वजह से कई पेड़ गिर गए हैं और सड़कों पर जलभराव हो गया है.
कोझिकोड जिले में तीन राहत शिविर खोले गए हैं, जिनमें से दो शहर में और एक वडकारा में है. अभी तक 88 लोगों को इन शिविरों में रखा गया है. वहीं, खराब मौसम के कारण 60 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है. स्थिति और ना बिगड़े इसके लिए पेरुवन्नमुझी डैम के शटर खोल दिए गए हैं, जिससे कुट्टियाडी नदी में जलप्रवाह तेज हो गया है. साथ ही पूनूर नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है, जिससे उसके किनारे बसे इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है.
राज्य सरकार ने वायनाड, कोझिकोड और कन्नूर जिलों में मंगलवार को सभी शिक्षण संस्थान बंद करने का आदेश जारी कर दिया है. इसमें आंगनवाड़ी, मदरसे, ट्यूशन सेंटर और अन्य निजी संस्थान भी शामिल हैं. कोट्टायम जिले में भी एहतियातन सभी स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं.
मलनकारा डैम के तीन शटर आज सुबह 7 बजे 1.5 मीटर तक खोले जाने की तैयारी की गई है. इससे मुवत्तुपुझा और थोडुपुझा नदियों के किनारे बसे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और मौसम विभाग की चेतावनियों को नजरअंदाज न करें.