नई दिल्ली: लोकसभा में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देने वाले थे. हालांकि हंगामे की वजह से स्पीकर को सदन स्थगित करना पड़ा. विपक्ष द्वारा लगातार किए जा रहे हंगामे की वह से तीन बार लोकसभा की कार्यवाही को रोकनी पड़ी. अंत में स्पीकर ने सभा को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया.
तीन स्थगनों के बाद भी जब बुधवार को शाम 5 बजे सदन की कार्रवाई शुरु की गई तो पीठासीन बीजेपी सदस्य संध्या राय ने बीजेपी नेता पीपी चौधरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देने के लिए आमंत्रित किया. तब चौधरी ने अपना जवाब देना शुरू किया तभी विपक्षी सदस्य सदन के वेल में चले गए.
विपक्षी की महिला सांसदों का एक पूरा जत्था पीएम मोदी के प्रस्तावित संबोधन से पहले एक बैनर के साथ उनकी सीट तरफ पहुंचा. इतना ही नहीं अमेरिका के साथ व्यापार समझौते पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की अप्रकाशित किताब पर बातचीत को लेकर आपत्ति जताते हुए सत्ता पक्ष की बेंचों तक पहुंच गए. सदन में लगातार बढ़ते तमाशे की वजह से पीठासीन अधिकारी ने सदन को दिन भर के लिए स्थगित कर दिया. अब प्रधान मंत्री के आज यानी गुरुवार को राज्यसभा में बोलने की संभावना है.
प्रधान मंत्री लोकसभा को कब संबोधित करेंगे, इस बात को लेकर कोई भी जानकारी नहीं दी गई है. क्योंकि लोकसभा में विपक्षी नेताओं द्वारा लगातार हंगामा जारी है. गुरुवार को लोकसभा में केंद्रीय बजट पर चर्चा होना है. हालांकि यह भी सफल हो पाएगा या नहीं यह विपक्ष पर निर्भर करता है.
लोकसभा में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव मंगलवार को तब और बढ़ गया जब आठ कांग्रेस सांसदों को अनुशासनहीनता के आरोप में बजट सत्र के बाकी बचे समय से निलंबित कर दिया गया. इसके अलावा कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा नरवणे की अप्रकाशित किताब के जिक्र के बाद से भी पक्ष और विपक्ष में लगातार टकराव जारी है. राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि पीएम मोदी संसद नहीं आ रहे हैं, क्योंकि वह डर चुके हैं.