menu-icon
India Daily

किसी भी आंदोलनकारी पर नहीं चलेगा केस, वापिस होंगी FIR; जेपी नड्डा का बड़ा ऐलान

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने प्रतिनिधिमंडल से लंबी बातचीत के बाद कहा कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी. एफआईआर की प्रतियां उपलब्ध कराई जाएंगी, कोई प्रतिशोधात्मक कार्रवाई नहीं होगी और नियमों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
किसी भी आंदोलनकारी पर नहीं चलेगा केस, वापिस होंगी FIR; जेपी नड्डा का बड़ा ऐलान
Courtesy: social media

दिल्ली में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधिमंडल के साथ विस्तृत बैठक की. इस दौरान प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों का लिखित मसौदा सरकार को सौंपा. बैठक के बाद नड्डा ने कहा कि सरकार ने सभी प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की है और कुछ महत्वपूर्ण मांगों पर सकारात्मक आश्वासन भी दिया है.

प्रतिनिधिमंडल ने रखा लिखित मांग पत्र

बैठक के बाद जेपी नड्डा ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के सामने चार प्रमुख बिंदुओं वाला लिखित मसौदा रखा. इसके अलावा बातचीत में दो अन्य महत्वपूर्ण मांगों पर भी विस्तार से चर्चा हुई. इनमें आंदोलन से जुड़े लोगों के खिलाफ किसी भी प्रकार की प्रतिशोधात्मक कार्रवाई नहीं करने, प्रभावित लोगों को मुआवजा देने और प्रतिनिधिमंडल के पांच सूत्रीय मांग पत्र पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह शामिल था. नड्डा ने कहा कि सरकार ने सभी मुद्दों को ध्यानपूर्वक सुना है.

एफआईआर की प्रतियां देने का आश्वासन

जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार आंदोलन से जुड़े मामलों में दर्ज एफआईआर की प्रतियां प्रतिनिधिमंडल को उपलब्ध कराएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी प्रकार की प्रतिशोधात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी. सरकार का उद्देश्य बातचीत के जरिए समाधान निकालना है और इसी भावना के साथ यह फैसला लिया गया है. उन्होंने कहा कि संवाद के माध्यम से आगे का रास्ता तलाशने की कोशिश जारी रहेगी.

मुआवजे पर सरकार का स्पष्ट रुख

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार प्रभावित लोगों की स्थिति को लेकर संवेदनशील है और उनकी पीड़ा को समझती है. उन्होंने बताया कि मुआवजे के मुद्दे पर सरकार का रुख स्पष्ट है. नियमों और निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत जितना अधिकतम संभव होगा, उतना मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा. सरकार इस विषय पर सभी कानूनी प्रावधानों का पालन करते हुए आगे बढ़ेगी.

बातचीत से समाधान की उम्मीद

बैठक के बाद यह संकेत मिला कि सरकार और प्रतिनिधिमंडल के बीच संवाद की प्रक्रिया जारी रहेगी. प्रतिनिधिमंडल की ओर से उठाई गई मांगों पर विचार करने का भरोसा दिया गया है. फिलहाल सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि बातचीत को प्राथमिकता दी जाएगी और सभी निर्णय नियमों के अनुरूप लिए जाएंगे. आने वाले दिनों में इस मामले में आगे की प्रगति पर सभी की नजरें बनी रहेंगी.