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कौन और कितने पढ़े-लिखे हैं श्रीकांत शिंदे? जिन्हें अगला शिक्षा मंत्री बनाए जाने की हो रही चर्चा!

डॉ. श्रीकांत शिंदे ने डॉक्टर से सांसद तक का उल्लेखनीय सफर तय किया है. लगातार तीन बार कल्याण से लोकसभा चुनाव जीतने वाले शिंदे अपनी शैक्षणिक योग्यता, संगठनात्मक सक्रियता और क्षेत्रीय विकास कार्यों के कारण चर्चा में बने रहते हैं.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
कौन और कितने पढ़े-लिखे हैं श्रीकांत शिंदे? जिन्हें अगला शिक्षा मंत्री बनाए जाने की हो रही चर्चा!
Courtesy: social media

नई दिल्ली: केंद्र में संभावित बदलावों और मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं के बीच महाराष्ट्र की राजनीति से डॉ. श्रीकांत शिंदे का नाम लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. कल्याण लोकसभा सीट से लगातार तीन बार सांसद चुने जा चुके डॉ. श्रीकांत शिंदे आज भारतीय राजनीति के प्रमुख युवा चेहरों में गिने जाते हैं. पेशे से ऑर्थोपेडिक सर्जन रहे श्रीकांत शिंदे ने चिकित्सा सेवा से सार्वजनिक जीवन का सफर तय किया है.

डॉक्टरी से सार्वजनिक जीवन तक का सफर

डॉ. श्रीकांत शिंदे का जन्म 4 फरवरी 1987 को महाराष्ट्र के ठाणे जिले में हुआ. वह महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पुत्र हैं, लेकिन उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाने के लिए पहले चिकित्सा क्षेत्र को चुना. उन्होंने मुंबई से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की और इसके बाद नवी मुंबई स्थित डी.वाई. पाटिल मेडिकल कॉलेज से ऑर्थोपेडिक्स में मास्टर ऑफ सर्जरी की डिग्री हासिल की. राजनीति में आने से पहले वह हड्डी रोग विशेषज्ञ के रूप में मरीजों का इलाज कर रहे थे. उनका शैक्षणिक बैकग्राउंड ने उन्हें अन्य नेताओं से अलग पहचान दिलाई और सार्वजनिक जीवन में भी उनकी यही छवि बनी रही.

2014 में राजनीति में हुई नई शुरुआत

साल 2014 का लोकसभा चुनाव उनके राजनीतिक जीवन का निर्णायक मोड़ साबित हुआ. शिवसेना ने कल्याण लोकसभा सीट से युवा और शिक्षित चेहरे के तौर पर उन्हें चुनाव मैदान में उतारा. पहली बार चुनाव लड़ते हुए उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी यानी एनसीपी के उम्मीदवार को बड़े अंतर से हराया और संसद पहुंचे. उस समय वह 16वीं लोकसभा के सबसे युवा सांसदों में शामिल थे. पहली जीत के बाद उन्होंने क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं, रेलवे परियोजनाओं, ओवरब्रिज और स्थानीय परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया.

लगातार तीन जीत से मजबूत हुआ राजनीतिक कद

पहली सफलता के बाद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने पीछे मुड़कर नहीं देखा. वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने दूसरी बार कल्याण सीट से जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की. इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में शिवसेना एकनाथ शिंदे गुट के उम्मीदवार के रूप में लगातार तीसरी बार सांसद चुने गए. संसद में उन्होंने स्वास्थ्य, आवास और शहरी मामलों से जुड़ी स्थायी समितियों में सक्रिय भूमिका निभाई. कोविड-19 महामारी के दौरान भी उन्होंने अपने क्षेत्र में चिकित्सा और राहत कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाई.

युवा नेतृत्व के रूप में बढ़ती पहचान

डॉ. श्रीकांत शिंदे की पहचान केवल एक राजनीतिक परिवार से जुड़े नेता के रूप में नहीं, बल्कि पढ़े-लिखे और सक्रिय जनप्रतिनिधि के रूप में भी स्थापित हुई है. चिकित्सा क्षेत्र का अनुभव, लगातार तीन लोकसभा चुनावों में मिली जीत और संसदीय जिम्मेदारियों में सक्रिय भागीदारी ने उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में अलग स्थान दिलाया है. केंद्र में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं के बीच उनका नाम लगातार सुर्खियों में बना हुआ है, हालांकि किसी भी संभावित जिम्मेदारी को लेकर अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.