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India Daily

ये मंजूर नहीं… भारत ने की UAE में बराका परमाणु केंद्र पर ड्रोन हमले की निंदा

यूएई के बराकाह न्यूक्लियर प्लांट पर ड्रोन हमले के बाद भारत ने इसे खतरनाक बताया है. भारत ने संयम और कूटनीतिक बातचीत की अपील की है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
ये मंजूर नहीं… भारत ने की UAE में बराका परमाणु केंद्र पर ड्रोन हमले की निंदा
Courtesy: @MarioNawfal X account

नई दिल्ली: भारत ने सोमवार 18 मई को संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE में बराका परमाणु ऊर्जा संयंत्र को निशाना बनाकर किए गए ड्रोन हमले की कड़ी निंदा की. भारत ने इसे खतरनाक तनाव बताया और क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के बीच सभी पक्षों से बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाने की अपील की.

विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि भारत UAE के एकमात्र परमाणु केंद्र पर हुए इस हमले को लेकर गहराई से चिंतित है. बयान में कहा गया, 'भारत UAE में बराका परमाणु केंद्र को निशाना बनाकर किए गए हमले को लेकर गहराई से चिंतित है. ऐसे कदम अस्वीकार्य हैं और ये खतरनाक तनाव को दर्शाते हैं. हम तत्काल संयम बरतने और बातचीत व कूटनीति का रास्ता अपनाने की अपील करते हैं.'

कब आई यह टिप्पणी?

यह टिप्पणी रविवार 17 मई को बराका परमाणु संयंत्र के पास हुए एक ड्रोन हमले के बाद आई है, जिससे वहां आग लग गई थी. UAE के अधिकारियों ने इस घटना को बिना किसी उकसावे के किया गया आतंकवादी हमला बताया है.

संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE में एक ड्रोन हमले के बाद परमाणु ऊर्जा संयंत्र के बाहर आग लगने की खबर आई है. अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण मध्य पूर्व क्षेत्र में पहले से ही तनाव बना हुआ है.

कहां हुई आग लगने की घटना?

आग लगने की घटना बराका परमाणु ऊर्जा संयंत्र की बाहरी सीमा पर हुई, जो अबू धाबी के अल धाफरा क्षेत्र में स्थित है. हालांकि अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है और आग का विकिरण सुरक्षा के स्तरों पर कोई असर नहीं पड़ा है. अधिकारियों ने यह भी बताया कि सभी जरूरी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं.

ट्विटर पर जारी एक आधिकारिक अपडेट में अबू धाबी के मीडिया कार्यालय ने पुष्टि की कि आपातकालीन टीमों ने मौके पर स्थिति को सफलतापूर्वक संभाल लिया है. बयान में जनता को आश्वस्त किया गया कि संयंत्र की भीतरी सीमा के बाहर लगी आग के कारण किसी के घायल होने की खबर नहीं है और न ही विकिरण सुरक्षा के स्तरों पर कोई असर पड़ा है. 

UAE ने क्या जताया है संदेह?

UAE ने इस हमले के लिए किसी पर सीधे तौर पर आरोप नहीं लगाया है लेकिन यह संदेह जताया जा रहा है कि इस हमले के पीछे ईरान का हाथ हो सकता है. 28 फरवरी को खाड़ी में युद्ध शुरू होने के बाद से UAE ने इस्लामिक गणराज्य पर अपने ऊर्जा और आर्थिक बुनियादी ढांचे पर ड्रोन हमले करने का नियमित रूप से आरोप लगाया है.

बराका परमाणु ऊर्जा संयंत्र, जिसने 2020 में अपना परिचालन शुरू किया था, सऊदी अरब और कतर की सीमाओं के पास स्थित है. रिपोर्ट के अनुसार यह संयंत्र UAE की बिजली की जरूरतों का लगभग एक-चौथाई हिस्सा पूरा करता है.