आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में चेहरे की चमक खोना एक आम समस्या बन गई है. लगातार काम का तनाव, धूल मिट्टी, तेज धूप, कम नींद और घंटों मोबाइल या लैपटॉप स्क्रीन के सामने बैठने का असर सबसे पहले हमारी स्किन पर दिखाई देता है. कई बार सुबह आईने में खुद को देखकर ऐसा लगता है जैसे चेहरे की सारी ताजगी खत्म हो गई हो. लेकिन अच्छी बात यह है कि ग्लोइंग स्किन पाने के लिए हमेशा महंगे पार्लर या ट्रीटमेंट की जरूरत नहीं होती. कुछ आसान स्किन केयर आदतें अपनाकर चेहरे की खोई चमक दोबारा वापस लाई जा सकती है.
कई लोग डल स्किन हटाने के लिए चेहरे पर बार बार स्क्रब इस्तेमाल करते हैं. लेकिन जरूरत से ज्यादा स्क्रबिंग स्किन को नुकसान पहुंचा सकती है. इससे स्किन की ऊपरी परत कमजोर हो जाती है और चेहरा लाल या रूखा दिखने लगता है. अब स्किन एक्सपर्ट्स हार्श स्क्रब की जगह केमिकल एक्सफोलिएंट्स इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं. AHA और BHA जैसे इंग्रीडिएंट्स धीरे धीरे डेड स्किन सेल्स हटाने में मदद करते हैं. ग्लाइकोलिक एसिड, लैक्टिक एसिड और सैलिसिलिक एसिड स्किन को स्मूद और साफ बनाने में असरदार माने जाते हैं.
अगर स्किन को नेचुरल ग्लो देना है तो एंटीऑक्सिडेंट्स बेहद जरूरी माने जाते हैं. विटामिन C को स्किन ब्राइटनेस के लिए सबसे असरदार माना जाता है. यह स्किन को फ्री रेडिकल्स से बचाने में मदद करता है. पॉल्यूशन और तेज धूप की वजह से स्किन सेल्स जल्दी डैमेज होने लगते हैं. विटामिन C कोलेजन को सपोर्ट करता है और चेहरे की चमक बढ़ाने में मदद करता है. इसके अलावा राइस वॉटर और ट्रानेक्सामिक एसिड जैसे इंग्रीडिएंट्स डार्क स्पॉट्स कम करने और स्किन टोन बेहतर बनाने में सहायक माने जाते हैं.
चेहरे का ग्लो सिर्फ मेकअप या क्रीम से नहीं आता. स्किन का अंदर से हेल्दी होना भी जरूरी है. जब स्किन डिहाइड्रेट हो जाती है तो चेहरा खिंचा खिंचा और बेजान दिखने लगता है. ऐसे में सेरामाइड्स, हायल्यूरोनिक एसिड और नियासिनामाइड वाले प्रोडक्ट्स फायदेमंद साबित हो सकते हैं. ये स्किन में नमी बनाए रखने में मदद करते हैं और स्किन बैरियर को मजबूत बनाते हैं. साथ ही स्किन माइक्रोबायोम को हेल्दी रखने में भी मदद मिलती है.
बहुत से लोग महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स तो खरीद लेते हैं लेकिन नींद को नजरअंदाज कर देते हैं. जबकि अच्छी नींद ग्लोइंग स्किन के लिए सबसे जरूरी चीजों में से एक है. जब नींद पूरी नहीं होती तो स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल बढ़ने लगता है. इसका असर चेहरे के ब्लड फ्लो पर पड़ता है और स्किन फीकी नजर आने लगती है. रात के समय शरीर तेजी से सेल रिपेयर का काम करता है. इसलिए सोने से पहले नाइट क्रीम या रिपेरेटिव प्रोडक्ट्स लगाने की सलाह दी जाती है. अगर रोजाना सात से आठ घंटे की अच्छी नींद ली जाए तो कुछ ही दिनों में चेहरे पर फर्क दिखाई देने लगता है.