नई दिल्ली: हिमाचल प्रदेश सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया है. राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में 1 मार्च से मोबाइल फोन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा. यह नया रूल प्री नर्सरी से लेकर 12वीं कक्षा तक के सभी छात्रों पर लागू होगा. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि स्कूल शिक्षा को अनुशासन और सामाजिक विकास की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए यह कदम जरूरी था.
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि अब कोई भी छात्र स्कूल परिसर में मोबाइल फोन नहीं ला सकेगा. चाहे वह सरकारी स्कूल हो या निजी स्कूल, सभी जगह यह नियम समान रूप से लागू होगा. यदि कोई छात्र मोबाइल लेकर आता है तो उसका मोबाइल जब्त कर लिया जाएगा. इसके साथ ही छात्र से 500 रुपए का जुर्माना भी वसूला जाएगा.
सरकार ने यह भी साफ किया है कि नियम तोड़ने वालों को पहले समझाया जाएगा. इसके बाद एक या दो बार चेतावनी दी जाएगी. यदि इसके बावजूद छात्र नियमों का पालन नहीं करता है तो SOP के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य सजा देना नहीं बल्कि बच्चों को सही दिशा देना है.
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के अत्यधिक उपयोग से बच्चों पर नकारात्मक असर पड़ रहा है. उन्होंने बताया कि कई बार स्कूलों में लंच टाइम के दौरान बच्चे आपस में बातचीत करने के बजाय मोबाइल में व्यस्त रहते हैं. इससे सामाजिक संवाद और खेल गतिविधियों पर असर पड़ता है.
सरकार का मानना है कि जब बच्चों के पास मोबाइल नहीं होगा तो वे एक दूसरे से बातचीत करेंगे. लंच टाइम में शिक्षक बच्चों के साथ संवाद करेंगे और बच्चों में आपसी समझ बढ़ेगी. इसके साथ ही खेलकूद की गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा. सरकार बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर विशेष ध्यान देना चाहती है. यह नियम सिर्फ छात्रों तक सीमित नहीं रहेगा. शिक्षा विभाग ने फैसला लिया है कि पढ़ाई के दौरान शिक्षक भी क्लास रूम में मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे. हालांकि शिक्षकों को अटेंडेंस, लर्निंग एप्स और शैक्षणिक जरूरतों के लिए सीमित उपयोग की अनुमति दी जाएगी.
इस नियम को लागू कराने की जिम्मेदारी स्कूलों के मुख्य अध्यापक और प्रिंसिपल की होगी. यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो न केवल छात्र या शिक्षक बल्कि स्कूल प्रमुख के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. सरकार ने साफ कहा है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.