प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का परिवार भी चर्चा में आ गया है. सोशल मीडिया पर बढ़ती प्रतिक्रियाओं के बाद उनकी बेटी नैमिषा प्रधान ने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट बंद कर दिया. इस घटना ने ऑनलाइन ट्रोलिंग और निजी जीवन की सीमाओं पर नई बहस छेड़ दी है.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, छात्र आंदोलनों और शिक्षा व्यवस्था को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने नैमिषा प्रधान का इंस्टाग्राम अकाउंट खोज लिया. इसके बाद उनकी पुरानी पोस्टों पर बड़ी संख्या में टिप्पणियां की जाने लगीं. बताया जा रहा है कि लगातार बढ़ती प्रतिक्रियाओं और आलोचनाओं के बीच उन्होंने अपना अकाउंट डीएक्टिवेट कर दिया. कई रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि संबंधित अकाउंट अब सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है. हालांकि, इस संबंध में नैमिषा प्रधान की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
नैमिषा प्रधान ने वर्ष 2023 में अमेरिका के मैसाचुसेट्स स्थित टफ्ट्स यूनिवर्सिटी के फ्लेचर स्कूल से एलएलएम की पढ़ाई पूरी की थी. इसके बाद उन्होंने यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम में सीनियर एसोसिएट के रूप में काम शुरू किया. सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने उनके विदेश में पढ़ाई करने को लेकर सवाल उठाए, जबकि अन्य लोगों ने इसे पूरी तरह निजी निर्णय बताते हुए इस मुद्दे को अनावश्यक विवाद बनाने पर आपत्ति जताई.
इस पूरे घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर दो तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं. एक वर्ग ने राजनीतिक जिम्मेदारी के सवाल उठाए, जबकि दूसरे वर्ग ने नेताओं के परिवार को विवादों में घसीटने का विरोध किया. कई लोगों का कहना है कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक असहमति निर्वाचित प्रतिनिधियों और उनकी नीतियों तक सीमित रहनी चाहिए. जिन परिवार के सदस्यों की सार्वजनिक नीति या सरकारी फैसलों में कोई भूमिका नहीं है, उन्हें ट्रोलिंग का निशाना बनाना उचित नहीं माना जा सकता.
छात्र आंदोलन के बीच बढ़ा राजनीतिक दबाव
यह पूरा मामला ऐसे समय सामने आया है, जब प्रतियोगी परीक्षाओं और छात्र आंदोलनों को लेकर विपक्ष लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है. विपक्ष का आरोप है कि परीक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियां हैं. वहीं, धर्मेंद्र प्रधान इन आरोपों को खारिज करते हुए कह चुके हैं कि विपक्ष छात्रों के मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है और संसद की कार्यवाही बाधित कर रहा है. इसी राजनीतिक माहौल के बीच उनकी बेटी का सोशल मीडिया से हटना चर्चा का विषय बन गया है.