CJP की गुवाहाटी में प्रस्तावित वॉलंटियर्स मीटिंग से पहले पुलिस ने संगठन के को-कन्वीनर आशुतोष रांका समेत कई लोगों को हिरासत में लिया. CJP के मुताबिक, मीटिंग में करीब 200 से 300 वॉलंटियर्स के पहुंचने की उम्मीद थी. संगठन ने कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं.
रविवार को गुवाहाटी में CJP की पहली क्षेत्रीय वॉलंटियर्स मीटिंग होनी थी. कार्यक्रम शुरू होने से पहले आशुतोष रांका और पार्टी के कुछ अन्य नेताओं व वॉलंटियर्स को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. रांका शनिवार को गुवाहाटी पहुंचे थे और कार्यक्रम की तैयारियों में शामिल थे. CJP ने दावा किया कि मीटिंग में पहुंचने वाले लोगों को रोका गया और कई सदस्यों को पुलिस वाहनों में ले जाया गया. पार्टी ने हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ने की मांग की है.
— Ashutosh Ranka (@AshutoshRanka) September 27, 2026
हिरासत में लिए जाने से पहले रांका ने असम सरकार और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि CJP असम के स्कूलों, काजीरंगा में लोगों के अधिकारों और बाढ़ जैसे मुद्दों को उठाना चाहती थी. रांका ने दावा किया कि मीटिंग स्थल की ओर जाने वाले रास्ते पर बैरिकेड लगाए गए और वॉलंटियर्स को वहां पहुंचने से रोका गया. इन दावों के साथ उन्होंने मुख्यमंत्री पर CJP की गतिविधियों को लेकर चिंता में होने का आरोप लगाया.
CJP के फाउंडर अभिजीत दिपके ने भी रांका और दूसरे सदस्यों की हिरासत पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि पुलिस टीम को किसी अज्ञात जगह ले गई. CJP ने कहा कि सदस्य केवल वॉलंटियर्स के साथ बैठक करने जा रहे थे. हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में इस कार्रवाई को लेकर असम पुलिस की विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. पार्टी ने कहा है कि हिरासत के बावजूद उसका असम में वॉलंटियर्स के साथ अभियान जारी रहेगा.