केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देश में हरित ईंधन को बढ़ावा देने के लिए एक नई उम्मीद जगाई है. मध्य प्रदेश में 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' के शुभारंभ के अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि ऑटोमोबाइल कंपनियां जल्द ही 100 प्रतिशत इथेनॉल से चलने वाली फ्लेक्स-इंजन कारें लॉन्च करने की तैयारी में हैं.
नितिन गडकरी के अनुसार, जब गाड़ियां पूरी तरह इथेनॉल से चलेंगी, तो पेट्रोल की तुलना में इसका खर्च लगभग 25 रुपए प्रति लीटर ही आएगा. उन्होंने अपनी टोयोटा इनोवा कार का उदाहरण देते हुए कहा कि वह 100% इथेनॉल पर सुचारू रूप से चलती है, जिससे ईंधन बिल में भारी कमी आती है.
गडकरी ने इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन वाहनों की सफलता पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिक बसें, कारें और स्कूटर अब बेहद लोकप्रिय हो चुके हैं. वे खुद अपने खेतों में 5 इलेक्ट्रिक ट्रैक्टरों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो मात्र डेढ़ घंटे में चार्ज होकर 8 घंटे तक काम करते हैं. इसके अलावा, भविष्य में हाइड्रोजन से चलने वाले ट्रक और बसें भी शुरू की जाएंगी.
टाटा, सुजुकी, टोयोटा और महिंद्रा जैसी प्रमुख कंपनियां फ्लेक्स-इंजन मॉडल बाजार में लाने वाली हैं. गडकरी ने कहा कि इससे भारत को हर साल 22 लाख करोड़ रुपए का ईंधन आयात नहीं करना पड़ेगा. इसके अलावा, मक्के जैसी फसलों से इथेनॉल बनने से किसानों की आय बढ़ी है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और मजदूरों को सीधा फायदा पहुंच रहा है. उन्होंने कहा कि मक्के जैसी फसलों से इथेनॉल बनने से मक्के की कीमत 1,200 से बढ़कर 3,600 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंची है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों को सीधा फायदा मिल रहा है.
यह पहली बार नहीं है जब गडकरी ने ईंधन का खर्च कम होने की बात कही है. इससे पहले साल 2023 में उन्होंने जनता से ऐसा ही एक वादा किया था. जुलाई 2023 में राजस्थान के प्रतापगढ़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा था कि यदि गाड़ियों में 60% ईथेनॉल और 40% बिजली के औसत उपयोग (फ्लेक्स-इंजन व फ्लेक्स-हाइब्रिड तकनीक) का संयोजन अपनाया जाए, तो ईंधन की प्रभावी लागत घटकर 15 प्रति लीटर तक आ सकती है. इथेनॉल फ्यूल आने के बाद भी पेट्रोल सस्ता ना होने पर उनके इस दावे को लेकर उनकी जमकर आलोचना भी हुई थी.