प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड को संबोधित किया. कार्यक्रम में उन्होंने देश से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात की. पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत 2016 में हुई सर्जिकल स्ट्राइक के जिक्र से की. इसके अलावा उन्होंने जनगणना, नशा मुक्त युवा अभियान, कुपोषण, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय उत्पादों से जुड़ी पहल का भी उल्लेख किया.
पीएम मोदी ने कहा कि 28-29 सितंबर 2016 को भारतीय सेना ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक की थी. उन्होंने कहा कि एलओसी के पार जाकर भारतीय जवानों ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की थी, जिसे पूरी दुनिया ने देखा. पीएम मोदी ने इसे भारत की आतंकवाद विरोधी नीति का एक उदाहरण बताया.
उन्होंने कहा कि बालाकोट एयर स्ट्राइक से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति को स्पष्ट किया है. उनके अनुसार, भारत अब आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ आगे बढ़ रहा है.
प्रधानमंत्री ने जनगणना का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जनगणना का पहला चरण लगभग पूरा हो चुका है और 32 करोड़ से अधिक परिवारों की जानकारी दर्ज की जा चुकी है. उन्होंने कहा कि जनगणना सभी नागरिकों का राष्ट्रीय दायित्व है. पीएम मोदी ने उत्तराखंड के चमोली स्थित माणा गांव का भी उल्लेख किया, जहां से जनगणना की शुरुआत हुई.
'मन की बात' में पीएम मोदी ने विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अशोक सिंघल को उनकी 100वीं जन्मजयंती पर याद किया. उन्होंने सिंघल के सामाजिक और राष्ट्र से जुड़े कार्यों का उल्लेख करते हुए रामजन्मभूमि आंदोलन में उनकी भूमिका की बात कही.
पीएम मोदी ने गुजरात के मोढेरा स्थित सूर्य मंदिर का इतिहास भी साझा किया. उन्होंने कहा कि 1026 ईस्वी में सोमनाथ पर हुए हमले के दौरान मोढेरा के प्रसिद्ध सूर्य मंदिर को भी नुकसान पहुंचाया गया था. उन्होंने बताया कि आज मोढेरा केवल सूर्य मंदिर के लिए ही नहीं, बल्कि देश के पहले सोलर विलेज के रूप में भी पहचान बना चुका है.
पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल के सुंदरबन क्षेत्र के झारखाली की महिलाओं का उदाहरण दिया. उन्होंने बताया कि कई महिलाएं मैंग्रोव के जंगल तैयार करने का काम कर रही हैं. इनमें ऐसी महिलाएं भी शामिल हैं, जिन्होंने बाघ के हमले में अपने पति को खो दिया. मैंग्रोव लगाने से जहां गांवों को प्राकृतिक सुरक्षा मिल रही है, वहीं महिलाओं को आजीविका का साधन भी मिल रहा है.
प्रधानमंत्री ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ‘नशा मुक्त युवा अभियान’ का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि देश के लाखों युवाओं ने नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया है. यह अभियान 100 सप्ताह तक चलाया जाएगा.
पीएम मोदी ने कुपोषण से मुकाबले के लिए अलग-अलग राज्यों में चल रही पहलों की जानकारी भी दी. उन्होंने छत्तीसगढ़ के ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान का जिक्र किया, जिसके तहत लोगों को मुनगा यानी मोरिंगा को भोजन में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. गुजरात में मिलेट्स से बने व्यंजनों की प्रतियोगिता और मिजोरम में पोषण वाटिकाओं से जुड़ी पहल का भी उन्होंने उल्लेख किया.
प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के आंवले का जिक्र करते हुए बताया कि इससे किसानों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं. प्रतापगढ़ में आंवला प्रोसेसिंग से जुड़ी करीब 100 इकाइयां काम कर रही हैं. देवगढ़ कमासी गांव की महिलाएं आंवले से कैंडी, मुरब्बा और जूस जैसे उत्पाद तैयार कर रही हैं. ओडीओपी के जरिए बाजार तक पहुंच बढ़ने से उनकी आय में भी वृद्धि हुई है.