कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने गुरुवार को देशभर में 'क्या बोलती पब्लिक' नाम से जनसंपर्क अभियान शुरू करने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य लोगों के बीच जाकर उनकी वास्तविक समस्याओं और अपेक्षाओं को समझना है. महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर स्थित अपने आवास पर दो दिवसीय कोर टीम बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने अभियान की रूपरेखा साझा की.
दिपके ने कहा कि अभियान का पहला फोकस शिक्षा व्यवस्था पर रहेगा. उनका आरोप है कि स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों की बढ़ती फीस के कारण गुणवत्तापूर्ण शिक्षा आम परिवारों की पहुंच से बाहर होती जा रही है. उन्होंने कहा कि कई निजी स्कूलों में पहली कक्षा की वार्षिक फीस ही एक से दो लाख रुपये तक पहुंच गई है, जबकि इसके अलावा डोनेशन भी देना पड़ता है. ऐसे में मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना मुश्किल हो गया है.
अभिजीत दिपके ने कहा कि कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों की लगातार बढ़ती फीस परिवारों को कर्ज लेने के लिए मजबूर कर रही है. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी चाहती है कि उच्च शिक्षा हासिल करना किसी परिवार के लिए आर्थिक बोझ न बने. दिपके ने डॉ. भीमराव आंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा प्रत्येक नागरिक का मूल अधिकार है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यह अधिकार एक लाभकारी कारोबार में बदलता दिखाई दे रहा है.
🚨 CJP announced a nationwide tour in September called "Kya Bolti Public":
— TEJASH 🚩 (@Tejashyy) August 6, 2026
Abhijeet Dipke said that they will tour the country to meet people and hear their concerns and issues.
He also said that 65% of India's population is under the age of 35, making them the country's… pic.twitter.com/hUEr2oUtip
दिपके ने कहा कि हाल में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन को केवल NEET या शिक्षा व्यवस्था से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए. उनके अनुसार उस प्रदर्शन में लोगों का गुस्सा व्यापक राजनीतिक व्यवस्था के खिलाफ भी दिखाई दिया. उन्होंने दावा किया कि जनता का लोकतांत्रिक संस्थाओं पर भरोसा कमजोर हो रहा है और चुनाव के बाद जनप्रतिनिधियों के दल बदलने जैसी घटनाएं लोगों में निराशा पैदा कर रही हैं.
#WATCH | Chhatrapati Sambhaji Nagar, Maharashtra | Cockroach Janta Party (CJP) Founder Abhijeet Dipke says, "Institutional accountability is in a dangerous situation in our country today. This is a dangerous sign for our democracy. Earlier, voters used to choose a government.… pic.twitter.com/W1kMLjWtI9
— ANI (@ANI) August 6, 2026
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिपके ने न्यायपालिका की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि आम लोगों के मामलों में सुनवाई में देरी होती है, जबकि प्रभावशाली लोगों या राजनीतिक मामलों में तेजी से फैसले आते हैं. उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के विभाजन या विधायकों के दल बदल से जुड़े मामलों में अदालतें शीघ्र निर्णय देती हैं, लेकिन आम नागरिकों को न्याय के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है. हालांकि, ये सभी आरोप अभिजीत दिपके के व्यक्तिगत बयान हैं और इन पर संबंधित संस्थाओं की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.