प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला IIT बॉम्बे के डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग से जुड़े रहे हैं. उनकी विशेषज्ञता पावर सिस्टम, स्मार्ट ग्रिड, माइक्रोग्रिड, रिन्यूएबल एनर्जी इंटीग्रेशन और एनर्जी एफिशिएंसी जैसे क्षेत्रों में है. संस्थान में उन्होंने शिक्षण और शोध के साथ कई प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी संभाली हैं.
डूला ने 2000 में नागार्जुन यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी टेक किया. इसके बाद आईआईटी बॉम्बे से एनर्जी सिस्टम्स इंजीनियरिंग में एम टेक और आईआईटी दिल्ली से पावर सिस्टम्स में PhD की. आईआईटी बॉम्बे से पहले उन्होंने बेंगलुरु की पावर रिसर्च एंड डेवलपमेंट कंसल्टेंट्स और हैदराबाद की मशीन 2 मशीन में काम किया था.
18 सितंबर 2026 को आईआईटी बॉम्बे के 20 वर्षीय छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद प्रोफेसर डूला का नाम सामने आया. संस्थान के मुताबिक, साहिल मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए कथित तौर पर पकड़े गए थे. आईआईटी बॉम्बे ने कहा कि परीक्षा के दौरान डूला कोर्स इंस्ट्रक्टर और इनविजिलेटर की भूमिका में थे और उन्होंने कथित परीक्षा अनियमितता की जानकारी संस्थान को दी थी.
संस्थान का कहना है कि इसके बाद साहिल की इंस्ट्रक्टर और विभागाध्यक्ष ने काउंसलिंग की थी और उन्हें बताया गया था कि परीक्षा से जुड़ी घटना का उनके अकादमिक करियर पर असर नहीं पड़ेगा. आईआईटी बॉम्बे के अनुसार, उनकी मौत से पहले कोई औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं हुई थी. साहिल के परिवार ने हालांकि उत्पीड़न और जाति आधारित भेदभाव के आरोप लगाए. परिवार की शिकायत के बाद मुंबई पुलिस ने SC/ST एक्ट समेत संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया, जिसमें डूला का नाम भी शामिल है. पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपों की अभी न्यायिक पुष्टि नहीं हुई है.
साहिल की मौत के बाद आईआईटी बॉम्बे कैंपस में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया. छात्रों की 18 सूत्रीय मांगों में डूला के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी शामिल थी. 20 सितंबर को आईआईटी बॉम्बे के निदेशक प्रोफेसर शिरीष केदारे ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मुलाकात की और मांगों पर चर्चा की. इसके बाद संस्थान ने डूला को डीन के प्रशासनिक पद से निलंबित कर दिया. आईआईटी बॉम्बे के मुताबिक, डूला फिलहाल प्रोफेसर और डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग के प्रमुख के रूप में बने हुए हैं. उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर तय की जाएगी.