menu-icon
India Daily

जम्मू-कश्मीर: बडगाम में बड़ा एक्शन! लश्कर के मोस्ट वांटेड आतंकी मूसा का हुआ खात्मा, घाटी में सुरक्षाबलों की बढ़ी चौकसी

जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. मंगलवार को हुई मुठभेड़ में पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का मोस्ट वांटेड आतंकी सुलेमान शाह उर्फ मूसा मारा गया.

reepu
Edited By: Reepu Kumari
जम्मू-कश्मीर: बडगाम में बड़ा एक्शन! लश्कर के मोस्ट वांटेड आतंकी मूसा का हुआ खात्मा, घाटी में सुरक्षाबलों की बढ़ी चौकसी
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: मध्य कश्मीर के बडगाम जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसने सुरक्षाबलों के हौसले को और बुलंद कर दिया है. मंगलवार को ऊंचाई वाले इलाकों में चले एक ऑपरेशन में सुरक्षाबलों ने लश्कर-ए-तैयबा के एक ऐसे आतंकी को ढेर कर दिया, जिसकी तलाश बरसों से चल रही थी. सेना और अन्य बलों की संयुक्त कार्रवाई ने घाटी में आतंक के खिलाफ एक और बड़ी सफलता दर्ज की है.

हालांकि सेना की चिनार कोर ने शुरुआत में मारे गए आतंकी की पहचान उजागर नहीं की, लेकिन बाद में अधिकारियों ने पुष्टि की कि यह आतंकी सुलेमान शाह था, जो मूसा के नाम से घाटी में कुख्यात था. यह मुठभेड़ कोराग और यूसमर्ग के जंगली इलाकों में हुई, जहां सुरक्षाबलों ने पहले से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर घेराबंदी की थी.

कैसे शुरू हुई मुठभेड़?

सेना के मुताबिक, सतर्क जवानों ने इलाके में संदिग्ध हरकत देखी और जब आतंकियों को चुनौती दी गई तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी. इसके बाद दोनों तरफ से जबरदस्त गोलीबारी हुई. दूधपथरी के दुर्गम जंगली क्षेत्र में चली इस मुठभेड़ में मूसा को मार गिराया गया. सुरक्षाबलों का यह ऑपरेशन पूरी तरह से सटीक खुफिया इनपुट पर आधारित था, जिसने कार्रवाई को कामयाब बनाया.

सालों से थी मूसा की तलाश

अधिकारियों की मानें तो मूसा पीर पंजाल रेंज के दोनों तरफ कई हमलों में शामिल रहा था और वर्षों से सुरक्षाबलों की हिट लिस्ट में सबसे ऊपर था. खास बात यह है कि वह इसी महीने की शुरुआत में यूसमर्ग की पहाड़ियों में हुई मुठभेड़ से बाल-बाल बच निकला था. उस वक्त उसका करीबी साथी यासिर सुरक्षाबलों के हाथों मारा गया था.

लश्कर को लगा बड़ा झटका

अधिकारियों ने साफ कहा है कि मूसा का मारा जाना जम्मू-कश्मीर में सक्रिय लश्कर-ए-तैयबा नेटवर्क के लिए अब तक का सबसे बड़ा झटका है. मूसा लंबे समय से संगठन के लिए एक अहम कड़ी बना हुआ था और उसकी मौजूदगी से इलाके में कई आतंकी गतिविधियां संचालित हो रही थीं. उसके खात्मे के बाद लश्कर के नेटवर्क को घाटी में फिर से खड़ा होने में मुश्किलें आ सकती हैं.

घाटी में अब भी जारी है सर्च ऑपरेशन

मुठभेड़ के बाद भी इलाके में सुरक्षाबलों का तलाशी अभियान जारी है, क्योंकि आशंका जताई जा रही है कि कुछ और आतंकी आसपास के जंगली इलाकों में छिपे हो सकते हैं. इससे पहले इसी महीने बडगाम में ही लश्कर कमांडर यासिर भी सुरक्षाबलों के ऑपरेशन आशदर में मारा गया था. लगातार मिल रही इन सफलताओं से घाटी में सुरक्षा हालात मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है.