कभी दो स्टूडेंट्स के एक छोटे से प्रोजेक्ट के रूप में शुरू हुआ काम आज इंटरनेट की दुनिया का सबसे जाना-पहचाना नाम बन चुका है. साल 1998 में लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन ने Google की शुरुआत की थी. उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि एक साधारण सर्च इंजन आगे चलकर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन जाएगा. आज किसी सवाल का जवाब ढूंढना हो या किसी जगह का रास्ता, लोगों की जुबान पर सबसे पहले Google का नाम आता है.
Google की शुरुआती कहानी भी काफी दिलचस्प है. इसकी शुरुआत अमेरिका के कैलिफोर्निया से हुई और इसे तैयार करने का काम एक गैराज से शुरू हुआ था. बहुत कम लोग जानते हैं कि इस सर्च इंजन का शुरुआती नाम Backrub था. आधिकारिक शुरुआत से पहले ही इसके संस्थापकों ने इसका नाम बदलकर Google कर दिया. देखते ही देखते यह प्रोजेक्ट इंटरनेट पर जानकारी खोजने का प्रमुख जरिया बन गया और कंपनी का विस्तार लगातार होता चला गया.
Google की पहचान सिर्फ उसके सर्च बॉक्स तक सीमित नहीं है. कंपनी का लोगो भी अपनी अलग शैली के लिए जाना जाता है. इसमें लाल, नीला और पीला जैसे रंग दिखाई देते हैं, जबकि बीच में हरे रंग का ‘L’ भी शामिल है. इसे कंपनी की अलग सोच को दर्शाने वाला हिस्सा माना जाता है. जहां कई कंपनियां अपने लोगो में सीमित रंगों का इस्तेमाल करती हैं, वहीं Google ने शुरुआत से ही अपनी पहचान को थोड़ा अलग और यादगार बनाने की कोशिश की.
समय के साथ Google केवल सर्च इंजन नहीं रहा. YouTube, Gmail, Google Maps और Android जैसी सेवाओं ने कंपनी की पहुंच को लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों तक पहुंचा दिया. किसी वीडियो को देखना हो, ईमेल भेजना हो, मोबाइल चलाना हो या किसी जगह का रास्ता खोजना हो, इन कामों में Google की सेवाएं इस्तेमाल होती हैं. इसी वजह से ‘Google करना’ शब्द इंटरनेट पर कुछ खोजने के अर्थ में आम बोलचाल का हिस्सा बन गया है.
तकनीक के बदलते दौर में Google ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दिशा में भी तेजी से कदम बढ़ाए हैं. कंपनी का Google Gemini AI लोगों तक पहुंच चुका है और उसकी कई सेवाओं में AI को शामिल किया जा रहा है. दूसरी तरफ OpenAI और Perplexity जैसी कंपनियां भी AI के क्षेत्र में सक्रिय हैं. ऐसे समय में Google अपने पुराने सर्च साम्राज्य के साथ नई AI तकनीक को जोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है. उसकी सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है.
कैलिफोर्निया के एक गैराज से शुरू हुई यह कहानी आज Google की पैरेंट कंपनी Alphabet तक पहुंच चुकी है. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक Alphabet का मार्केट कैप 2.99 ट्रिलियन डॉलर बताया गया है. 28 साल के इस सफर में Google ने सर्च से लेकर वीडियो, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, मैप्स, ईमेल और AI तक अपनी मौजूदगी बनाई है. यही विस्तार बताता है कि एक छोटे से प्रोजेक्ट ने कैसे इंटरनेट इस्तेमाल करने के लोगों के तरीके को बदल दिया.