माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के संभावित विनाशकारी खतरों को लेकर बड़ा बयान दिया है. एनबीसी के कार्यक्रम 'मीट द प्रेस' में बोलते हुए गेट्स ने चेतावनी दी कि एआई जैसी शक्तिशाली तकनीक गलत इरादे वाले हाथों में पड़ने पर "अरबों लोगों की मौत" का कारण बन सकती है. उन्होंने कहा कि मानव इतिहास में कभी भी एआई और गलत इरादे वाले लोगों के संयोजन जैसा शक्तिशाली हथियार नहीं रहा है.
बिल गेट्स ने जोर देकर कहा कि एआई कंपनियों का "स्व-नियमन" (self-regulation) बिल्कुल भी पर्याप्त नहीं है. उन्होंने अमेरिकी सांसदों से इस तकनीक को नियंत्रित करने के लिए तत्काल कड़े कानून बनाने की अपील की. गेट्स ने कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों और राजनेताओं को निगरानी व सुरक्षा प्रोटोकॉल तय करने की चर्चा में शामिल होना अनिवार्य है. उनका मानना है कि थोड़े सरकारी नियंत्रण से उद्योग की गति पर बहुत बड़ा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन सुरक्षा सुनिश्चित होगी.
एआई के खतरों को लेकर यह बहस तब शुरू हुई जब एंथ्रोपिक (Anthropic) कंपनी के पूर्व कर्मचारी जैकब कॉक्सन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने एंथ्रोपिक और ओपनएआई (OpenAI) पर आरोप लगाया कि वे "सुपर-इंटेलिजेंट एआई" बनाने की अंधी दौड़ में लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. इसके बाद एंथ्रोपिक के सह-संस्थापक डारियो अमोदेई और ओपनएआई प्रमुख सैम ऑल्टमैन ने भी एआई विकास की गति को संतुलित करने और मानव नियंत्रण खोने की चिंताओं का समर्थन किया.
डारियो अमोदेई ने एआई जोखिमों से निपटने के लिए तीन प्रमुख उपाय प्रस्तुत किए: पहला, बाहरी मूल्यांकनकर्ताओं द्वारा एआई कंपनियों की निरंतर निगरानी करना; दूसरा, बिना जांच के हो रही प्रगति को सीमित करने के लिए साझा सुरक्षा नियम बनाना; और तीसरा, लोकतांत्रिक व अधिनायकवादी देशों के बीच अंतर्राष्ट्रीय सहयोग स्थापित करना. सैम ऑल्टमैन ने भी इस बात पर सहमति जताई कि फ्रंटियर एआई मॉडल की रफ्तार को नियंत्रित किया जाना चाहिए.
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एआई से जुड़ी विनाशकारी चिंताओं को "साजिश" बताते हुए खारिज कर दिया है. उन्होंने इसे अगली औद्योगिक क्रांति करार दिया, जो देश की जीडीपी में 25% तक का योगदान दे सकती है. हालांकि, मौजूदा आपराधिक और नागरिक कानून प्रणाली के जरिए एआई के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए ट्रंप ने एक विशेष "एआई फोर्स" (AI Force) और "एआई ज़ार" (AI Czar) नियुक्त करने की घोषणा की है.