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India Daily

भारत बंद पर असमंजस, बैंक-स्कूल-ट्रांसपोर्ट क्या खुलेगा? जानिए कहां रहेगा सबसे ज्यादा असर

12 फरवरी 2026 को 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में देशव्यापी भारत बंद का आह्वान किया है. बैंक कर्मचारियों की तीन बड़ी यूनियनों ने भी हड़ताल की है. 30 करोड़ मजदूर इस बंद में शामिल होंगे. बैंकिंग और परिवहन प्रभावित होगा लेकिन डिजिटल सेवाएं चालू रहेंगी.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
भारत बंद पर असमंजस, बैंक-स्कूल-ट्रांसपोर्ट क्या खुलेगा? जानिए कहां रहेगा सबसे ज्यादा असर
Courtesy: social media

आज सुबह से ही देश में हड़ताल और बंद का सन्नाटा छाया हुआ है. केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने भारत-अमेरिका ट्रेड समझौते और नए श्रम कानूनों के खिलाफ 12 फरवरी को भारत बंद का ऐलान किया है. साथ ही बैंक कर्मचारी यूनियनों ने भी एक साथ हड़ताल बुलाई है. आम लोग परेशान हैं कि बैंक जाएं या नहीं, बसें चलेंगी या स्कूल बंद रहेंगे? यूनियनों का कहना है कि करीब 30 करोड़ मजदूर इस विरोध में शामिल हैं. शहर-शहर हाल अलग दिख रहा है, इसलिए सतर्क रहना जरूरी है.

भारत बंद की वजह और दायरा

दस प्रमुख ट्रेड यूनियनों- इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, एआईयूटीयूसी ने मिलकर भारत बंद बुलाया है. उनका मुख्य मुद्दा भारत-अमेरिका ट्रेड डील और चार नए श्रम कानून हैं. यूनियन नेताओं का आरोप है कि ये कानून मजदूरों की नौकरी, सामाजिक सुरक्षा और ट्रेड यूनियन अधिकारों को कमजोर कर रहे हैं. उनका दावा है कि 600 से ज्यादा जिलों में इसका व्यापक असर दिखेगा.

बैंक हड़ताल से क्या प्रभाव

ऑल इंडिया बैंक एंप्लॉइज एसोसिएशन, एआईबीओए और बीईएफआई ने आज देशभर में हड़ताल का आह्वान किया है. बैंक शाखाओं में काम प्रभावित हो सकता है. एसबीआई और बैंक ऑफ बड़ौदा ने कहा है कि वे सामान्य संचालन के लिए तैयार हैं, लेकिन हड़ताल से कुछ शाखाएं प्रभावित हो सकती हैं. आरबीआई ने छुट्टी नहीं घोषित की, इसलिए ज्यादातर बैंक खुले रहेंगे, पर भीड़ और देरी की संभावना बनी रहेगी.

कौन-सी सेवाएं आज भी चालू

हड़ताल के बावजूद नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, UPI और इंटरनेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं बिना रुकावट काम करेंगी. एटीएम में कैश की कमी होने की आशंका बहुत कम है. अगर आपको बैंक जाना है तो पहले अपनी शाखा से फोन पर पुष्टि कर लें. परिवहन, स्कूल और सरकारी कार्यालयों पर असर शहर-शहर अलग-अलग होगा, इसलिए जरूरी काम पहले निपटाना बेहतर रहेगा.

बेंगलुरु, दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों में सुबह से ही लोग असमंजस में हैं. क्या बसें चलेंगी, क्या दफ्तर खुले रहेंगे? यूनियनों का कहना है कि परिवहन और सार्वजनिक सेवाओं पर बड़ा असर पड़ेगा. आम जनता को सलाह है कि जरूरी काम पहले ही पूरा कर लें. बैंक जाने की जरूरत हो तो सुबह जल्दी निकलें या डिजिटल विकल्प अपनाएं. हड़ताल का असर स्थानीय स्तर पर अलग-अलग दिख सकता है.