केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को लोकसभा में पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार पर जोरदार हमला बोला. टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी की जीएसटी पर टिप्पणियों का खंडन करते हुए वित्त मंत्री ने आरोप लगाया कि बंगाल सरकार कानून व्यवस्था, ईंधन की ऊंची कीमतों और महिलाओं के खिलाफ अपराधों से निपटने में असंवेदनशील है.
यूनियन बजट पर बहस के दौरान अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सीतारमण ने बनर्जी के उस दावे पर आपत्ति जताई कि मृत्यु के बाद अगरबत्ती जलाने के लिए भी जीएसटी लागू होता है. इस पर सीतारमण ने कहा कि बंगाल में मृत्यु के बाद जीएसटी जैसी बात कहना बहुत दुखद है और आगे कहा कि शायद मृत्यु के बाद पैसे काटना राज्य में एक चलन है.
उन्होंने ईंधन की कीमतों को लेकर भी राज्य सरकार पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा, 'अगर आप आम आदमी से बोझ कम करना चाहते हैं तो राज्य में पेट्रोल 10 रुपए महंगा क्यों है.' उन्होंने आरजी कर रेप केस और यौन हिंसा के अन्य मामलों को लेकर भी ममता सरकार पर सवाल उठाए.
सीतारमण ने कहा, 'यह कितना हास्यास्पद है कि एक महिला मुख्यमंत्री महिलाओं को सलाह दे रही है कि वे रात को घर से बाहर ना निकलें वरना उनके रेप का खतरा है.' उन्होंने कहा कि बंगाल कानून व्यवस्था पर नहीं बल्कि बम कल्चर पर चल रहा है. सीतारमण ने बजट में डंकुनी के उल्लेख को लेकर भी बंगाल के नेताओं की आलोचना का जवाब दिया और कहा कि केंद्र द्वारा प्रस्तावित माल ढुलाई गलियारा एक नई पहल है.
उन्होंने कहा, 'हमने इस बजट में डंकुनी का जिक्र इसलिए किया है कि क्योंकि हम डंकुनी से सूरत तक एक पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर बनाना चाहते हैं. बंगाल के नेता इससे इतने नाराज हैं कि उनका कहना है कि जब ममता बनर्जी रेल मंत्री थीं तब उन्होंने इसकी घोषणा की थी और हम कुछ नया नहीं कर रहे हैं...यह बिल्कुल झूठ है.'
वित्त मंत्री ने कहा, 'मैंने डंकुनी से लेकर सूरत के लिए कॉरिडोर की घोषणा की है. ममता बनर्जी ने डंकुनी होते हुए लुधियाना से कोलकाता के लिए कुछ घोषित किया था. इसलिए कुछ भी फिट नहीं बैठता. मैंने जो घोषणा की वह नई है. इसलिए हर बात का श्रेय खुद लेने की कोशिश न करें.'