Bangalore Water Crisis: भारत का आईटी हब कहे जाना वाला बेंगलुरू इस समय पानी की विकराल समस्या से जूझ रहा है. पूरे शहर में पीने के पानी की किल्लत मची हुई है. लोगों को पीने का पानी नहीं नसीब हो रहा है. बैंगलोर जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड (बीडब्ल्यूएसएसबी) ने पीने के पानी का अन्य कामों के इस्तेमाल पर बैन लगाया हुआ है. बैन के बावजूद कई लोग कार पीने के पानी से धोते, गार्डन की सिंचाई करते और अन्य कामों में इस्तेमाल करते पकड़े गए, जिस वजह से उन पर 1.1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है.
बैंगलोर जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड ने 3 दिनों के भीतर कुल 22 लोगों को पकड़ा है. इन पर मोटा जुर्माना ठोका गया है.
मार्च के दूसरे सप्ताह में ही BWSSB ने शहर में वाहनों की सफाई, बागवानी, भवन निर्माण, फव्वारे चलाना, मनोरंजन के लिए पानी का गलत इस्तेमाल करना, सिनेमा हॉल, माल में पीने के अलावा पानी से अन्य काम करने पर बैन लगा हुआ है.
BWSSB के एक ऑफिसर ने बताया की जब से बैन लगा है 22 मार्च रविवार तक पानी पर लगे बैन के बावजूद 22 लोगों उल्लंघन करते पकड़े गए जिसके चलते उन पर फाइन लगाया गया. पानी पर लगे बैन के उल्लंघन के अधिकतर मामले दक्षिण पूर्व बेंगलुरु से आए. इस एरिए में 65,000 का फाइन लगाया गया है.
बेंगलुरू जल बोर्ड ने एक ऑर्डर में कहा- बेंगलुरु में लगभग 1.4 करोड़ लोग रहते हैं. इसमें यहां के परमानेंट और बाहर से आकर रह रहे लोग शामिल हैं. सभी को पीने की पानी की सप्लाई करना आवश्यक है. वर्तमान में शहर का तापमान दिनों दिन बढ़ रहा है. इसी के चलते ग्राउंड वाटर लेवल नीचे जा रहा है. इसलिए यह जरूर है कि पानी की बर्बादी रोकें ताकि लोगों को पीने का पानी मिल सके.
उन्होंने आगे बताया कि BWSSB Act 1964 के सेक्शन 33 और 34 के तहत पीने के पानी पर पीने के अलावा अन्य कामों के लिए इस्तेमाल करने पर बैन लगाया गया है. बोर्ड ने लोगों से अपील की है कि अगर कहीं पानी की बर्बादी की जा रही है तो 1916 पर सूचित करें.