संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को लोकसभा में NEET पेपर लीक और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा छाया रहा. विपक्ष ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और मामले पर विस्तृत चर्चा की मांग उठाई. इसी दौरान सदन का माहौल तब गरमा गया, जब समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने खुद को बोलने का मौका न मिलने पर कड़ा विरोध दर्ज कराया. अखिलेश यादव ने कहा कि यह किसी एक दल का नहीं, बल्कि देश के लाखों छात्रों और युवाओं का मुद्दा है. उन्होंने स्पीकर से सवाल किया कि कांग्रेस और बीजेपी को बोलने का अवसर देने के बाद क्या बाकी दलों की बात नहीं सुनी जाएगी. उनके इस बयान के बाद सदन में कुछ देर तक तीखी नोकझोंक देखने को मिली.
सदन में अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि छात्रों से जुड़े इतने महत्वपूर्ण मुद्दे पर सभी दलों को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक दलों की प्रतिस्पर्धा का विषय नहीं है, बल्कि उन युवाओं का सवाल है जिनका भविष्य परीक्षाओं से जुड़ा हुआ है. उन्होंने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाने की मांग की.
बोलने का मौका नहीं मिलने पर अखिलेश यादव ने टिप्पणी की कि क्या सरकार और विपक्ष के बीच कोई समझौता हो गया है. उन्होंने कहा कि अगर छात्रों की आवाज संसद में नहीं सुनी जाएगी तो यह चिंता का विषय है. उनका यह बयान सदन में चर्चा का केंद्र बन गया और विपक्षी सांसदों ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी.
समाजवादी पार्टी प्रमुख ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि छात्रों के साथ हुए घटनाक्रम पर जवाबदेही तय होनी चाहिए. उन्होंने प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई का भी जिक्र किया और कहा कि छात्रों से जुड़े मामलों पर सरकार को गंभीरता के साथ जवाब देना चाहिए.
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में कहा कि सरकार NEET और पेपर लीक के मुद्दे पर सार्थक चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने कहा कि चर्चा किस नियम के तहत और कितनी देर होगी, इसका फैसला सभी दलों से बातचीत के बाद लोकसभा अध्यक्ष करेंगे. सरकार चाहती है कि युवाओं के हित में इस विषय पर गंभीर बहस हो.
हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ने सदन को शांत कराते हुए कहा कि सरकार और विपक्ष दोनों चर्चा चाहते हैं. उन्होंने सभी दलों से पूछा कि इस मुद्दे पर कब और कितनी अवधि तक चर्चा की जाए. इसके बाद सदन की कार्यवाही आगे बढ़ी और NEET विवाद पर चर्चा की प्रक्रिया तय करने को लेकर विचार-विमर्श शुरू हुआ.