शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के आह्वान का समर्थन किया है. यह अपील CJP संस्थापक अभिजीत दीपके की ओर से की गई थी. दीपके ने कहा है कि अगर कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो 2 अक्टूबर से देशभर में प्रदर्शन शुरू किए जाएंगे.
अभिजीत दीपके ने शुक्रवार को कहा था कि अगर ज्ञानेश कुमार शनिवार तक पद से इस्तीफा नहीं देते हैं तो मुंबई से विरोध शुरू किया जाएगा और 2 अक्टूबर को इसे दूसरे शहरों तक ले जाया जाएगा. उनके इस बयान पर आदित्य ठाकरे ने समर्थन जताया. ठाकरे ने कहा कि अगर कुमार नहीं जाते हैं तो 2 अक्टूबर से मुंबई में बड़ी संख्या में लोग कथित ‘वोट चोरी’ के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे. दीपके ने इसके जवाब में ठाकरे को समर्थन के लिए धन्यवाद दिया.
— Aaditya Thackeray (@AUThackeray) September 26, 2026
इस विवाद की पृष्ठभूमि में चुनाव आयोग का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR भी है. द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार कुछ फैसलों और आदेशों पर औपचारिक आपत्ति दर्ज की. रिपोर्ट में मतदाताओं को जोड़ने, नाम हटाने, बहाल करने और Form 6 में बदलाव जैसे मुद्दों का जिक्र है.
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) September 26, 2026
इस रिपोर्ट के बाद आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक बहस तेज हुई. कुछ विपक्षी नेताओं ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है. दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने आंतरिक मतभेदों को सामान्य विचार-विमर्श का हिस्सा बताया है और कहा है कि आयोग के फैसले सर्वसम्मति से लिए गए. इस पूरे मामले में एक तरफ विपक्षी नेताओं की आपत्तियां हैं, वहीं आयोग अपने फैसलों की प्रक्रिया का बचाव कर रहा है.