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T-Series के मालिक भूषण कुमार को बड़ी राहत, रेप केस की FIR रद्द; जॉब के बहाने दुष्कर्म का था आरोप

'बी समरी' रिपोर्ट तब दायर की जाती है जब पुलिस मामले को दुर्भावनापूर्ण रूप से झूठा करार देती है या जब जांच के बाद आरोपी के खिलाफ कोई सबूत या प्रथम दृष्टया मामला साबित नहीं होता.

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Om Pratap
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हाइलाइट्स

  • जुलाई 2021 में महिला ने दर्ज कराया था रेप का मामला
  • जॉब के बहाने नौकरी के नाम पर रेप का था आरोप

T series owner Bhushan Kumar Gets Big relief Rape charges: टी-सीरीज के मालिक भूषण कुमार को मुंबई की एक मजिस्ट्रेट कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. भूषण कुमार के खिलाफ दर्ज की गई रेप की FIR गुरुवार को रद्द कर दी गई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुंबई की अंधेरी मजिस्ट्रेट कोर्ट ने मुंबई पुलिस की ओर से दाखिल 'बी समरी रिपोर्ट' को स्वीकार कर लिया है. अंधेरी मजिस्ट्रेट अदालत ने 9 नवंबर, 2023 को रिपोर्ट स्वीकार कर ली, जिसके बाद भूषण कुमार के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द कर दिया गया. 

दरअसल, 'बी समरी' रिपोर्ट तब दायर की जाती है जब पुलिस मामले को दुर्भावनापूर्ण रूप से झूठा करार देती है या जब जांच के बाद आरोपी के खिलाफ कोई सबूत या प्रथम दृष्टया मामला साबित नहीं होता.

क्या है भूषण कुमार के खिलाफ दर्ज FIR का मामला?

जुलाई 2021 में डीएन नगर पुलिस ने भूषण कुमार के खिलाफ रेप और धोखाधड़ी के लिए भारतीय दंड संहिता (IPC) के प्रावधानों के तहत FIR दर्ज की थी. शिकायत के अनुसार, भूषण कुमार ने अपनी कंपनी में किसी प्रोजेक्ट पर नौकरी दिलाने के बहाने एक महिला से कथित तौर पर बलात्कार किया था.

पीड़िता ने बाद में कहा था कि उसने परिस्थितिजन्य गलतफहमी के कारण भूषण कुमार के खिलाफ आरोप लगाए थे और वो अपने आरोपों को वापस ले रही है. शिकायतकर्ता ने बी समरी रिपोर्ट पर भी अपनी आपत्ति नहीं जताई थी. हालांकि मजिस्ट्रेट ने कहा था कि जहां तक ​​पीड़िता का सवाल है, उसने आपराधिक आरोप लगाए. कुछ समय बाद ही अंतिम रिपोर्ट की स्वीकृति के लिए उसकी ओर से कोई शिकायत नहीं मिली.

मजिस्ट्रेट ने कहा कि शिकायतकर्ता के आचरण से ऐसा लगता है कि उसने कानून का दुरुपयोग किया है. उस कानून को जो ऐसे मामलों में जरूरतमंदों के लिए है. शिकायतकर्ता ने व्यक्तिगत लाभ के लिए, हर उस सीमा को पार कर लिया है जिसका सभी महिलाएं दशकों से पालन करती आ रही हैं. मजिस्ट्रेट ने मामले में शिकायतकर्ता के खिलाफ पुलिस को आगे की जांच करने का निर्देश दिया.

भूषण कुमार ने भी खटखटाया था हाईकोर्ट का दरवाजा

इससे पहले 2022 में और अब एक बार फिर 2023 में पुलिस ने फिर से बी सारांश रिपोर्ट दायर की जिसे मजिस्ट्रेट ने स्वीकार कर लिया. उधर, भूषण कुमार ने भी FIR रद्द करने की मांग करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. गुरुवार को भूषण कुमार की ओर से पेश वकील निरंजन मुंदरगी और चंदन सिंह शेखावत ने बताया कि जस्टिस पीडी नाइक और एमआर बोरकर की पीठ ने रिट याचिका का निपटारा कर दिया.

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First Published : 30 November 2023, 12:35 PM IST