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शादी के बाद भी 'ना' कहने का हक औरत को है? इस सोच से पर्दा उठाएगी दिव्या दत्ता की 'चिरैया', पढ़ें रिव्यू

आज यानी 20 मार्च 2026 को रिलीज हुई वेब सीरीज 'चिरैया' स्ट्रीम होते ही चर्चा में है. यह एक ऐसा सोशल ड्रामा है जो शादी के बाद सहमति के मुद्दे को बेबाकी से उठाता है. क्या शादी के बाद भी 'ना' कहने का हक औरत को है? या फिर सात फेरों के बाद उसकी सहमति की कोई अहमियत नहीं रह जाती?

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Edited By: Antima Pal
शादी के बाद भी 'ना' कहने का हक औरत को है? इस सोच से पर्दा उठाएगी दिव्या दत्ता की 'चिरैया', पढ़ें रिव्यू
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मुंबई: जियोहॉटस्टार पर आज यानी 20 मार्च 2026 को रिलीज हुई वेब सीरीज 'चिरैया' स्ट्रीम होते ही चर्चा में है. यह एक ऐसा सोशल ड्रामा है जो शादी के बाद सहमति के मुद्दे को बेबाकी से उठाता है. क्या शादी के बाद भी 'ना' कहने का हक औरत को है? या फिर सात फेरों के बाद उसकी सहमति की कोई अहमियत नहीं रह जाती? इसी सवाल के इर्द-गिर्द घूमती है पूरी कहानी.

शादी के बाद भी 'ना' कहने का हक औरत को है?

सीरीज में दिव्या दत्ता मुख्य भूमिका में हैं. वे कमलेश का किरदार निभा रही हैं- एक आदर्श बहू, प्यार करने वाली पत्नी और परिवार की खुशियां बिखेरने वाली औरत. लेकिन जब घर के अंदर छिपा सच सामने आता है, तो कमलेश की दुनिया हिल जाती है. उसकी देवरानी (बहू) पर हो रहे वैवाहिक अत्याचार को देखकर वह चुप नहीं रह पाती. परिवार की इज्जत और न्याय के बीच फंसकर वह संघर्ष करती है. 

सीरीज में दिव्या दत्ता की एक्टिंग ने जीता दिल

दिव्या दत्ता ने इस रोल को इतनी सच्चाई और संवेदनशीलता से निभाया है कि हर भाव दिल को छू जाता है. उनका अभिनय नाटकीय नहीं, बल्कि बहुत रियल और ग्राउंडेड लगता है. चेहरे पर आने वाली वो खामोशी, आंखों में छिपा दर्द और फिर हिम्मत – सब कुछ कमाल का है.

कास्ट में संजय मिश्रा, प्रसन्ना बिष्ट, सिद्धार्थ शॉ, सरिता जोशी, तिन्नू आनंद और अन्य कलाकार भी हैं. सभी ने अपने रोल्स को बखूबी निभाया है. निर्देशक शशांक शाह ने कहानी को संभाला है तो लेखन दिव्य निधि शर्मा का है. यह सिर्फ 6 एपिसोड की सीरीज है, लेकिन हर एपिसोड में गहराई है. 'चिरैया' कोई मनोरंजन के लिए हल्की-फुल्की कहानी नहीं है. यह आपको असहज करती है, सोचने पर मजबूर करती है. 

मजबूत स्क्रिप्ट और जरूरी मैसेज देती है 'चिरैया'

समाज में आज भी मैरिटल रेप और सहमति को लेकर खुली बात नहीं होती. इसे 'घर की बात' कहकर दबा दिया जाता है. यह शो ठीक वैसा ही माहौल बनाता है जो हमारे आसपास के घरों में होता है – कोई ग्लैमर नहीं, बस सच्चाई. अगर आप सोसायटी के ऐसे मुद्दों पर आधारित कंटेंट पसंद करते हैं जो आपको झकझोर दे, तो 'चिरैया' जरूर देखें. कुल मिलाकर दिव्या दत्ता का शानदार परफॉर्मेंस, मजबूत स्क्रिप्ट और जरूरी मैसेज इसे देखने लायक बनाते हैं. यह शो सिर्फ एंटरटेनमेंट नहीं, बल्कि एक जरूरी बातचीत शुरू करने की कोशिश है.