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Lok Sabha Elections 2024: कैसे महराजा? इनके पास नहीं है अपना घर, जमीन और गाड़ी; BJP से लड़ रहे हैं चुनाव

Lok Sabha Elections: मैसूर के महाराजा यदुवीर कृष्णदत्त चामराजा वाडियार बीजेपी से लोकसभा के चुनाव में प्रत्याशी हैं इस बात को लेकर वह चर्चा में नहीं हैं. बल्कि उनकी चर्चा इसके लिए हो रही है कि उनका खुद का घर नहीं है. उनकी कोई जमीन नहीं है और उनके नाम पर कोई कार भी नहीं है.

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India Daily Live

Lok Sabha Elections : लोकसभा चुनाव 2024 में देश के अलग-अलग राज्यों में राजा-महाराजा चुनाव में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इन्हीं में एक नाम यदुवीर कृष्णदत्त चामराजा वाडियार का है, जो मैसूर की महराजा हैं और उनकी उम्र महज 32 साल है. मैसुरु लोकसभा सीट पर उनका मुकाबला कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी एम लक्ष्मण से है.

वह कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता हैं. मैसूर के महराजा चुनाव लड़े रहे हैं इसको लेकर वह चर्चा मं नहीं हैं, बल्कि उनकी चर्चा की वजह है कि उनके नाम पर कोई घर नहीं है, खुद के नाम पर कोई जमीन नहीं है. और तो और महाराजा के पास अपनी कार तक नहीं है. 

मैसूर-कोडगु लोकसभा सीट से मैदान में हैं

यदुवीर कृष्णदत्त चामराजा वाडियार ने मैसूर-कोडगु लोकसभा सीट से बीजेपी के प्रत्याशी के रूप में नामांकन भर दिया है. यदुवीर कृष्णदत्त चामराजा वाडियार के इलेक्शन एफिडेविट के अनुसार, उनके पास अपना खुद का कोई घर, जमीन या कार नहीं है. न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार, यदुवीर कृष्णदत्त चामराजा वाडियार ने इलेक्शन एफिडेविट में अपनी संपत्ति और कर्ज के बारे में जानकारी दी है. एफिडेविट के अनुसार, उनके पास 5 करोड़ रुपये की संपत्तियां हैं जबकि उनकी पत्नी त्रिषिका कुमारी और उनके एक डिपेंडेंट के पास क्रमश: 1.04 करोड़ रुपये और 3.64 करोड़ रुपये की संपत्ति है.

32 साल हैं यदुवीर कृष्णदत्त चामराजा वाडियार 

मैसूर के महराज यदुवीर कृष्णदत्त चामराजा वाडियार अभी महज 32 साल के हैं. मैसुरु लोकसभा सीट पर उनका मुकाबला कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी एम लक्ष्मण से है, वह कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता है.

मैसुरु में बीजेपी - कांग्रेस के बीच होता है मुकाबला

अगर मैसुरु लोकसभा सीट के पुराने चुनाव परिणामों के बारे में देखें तो यहां पर मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच ही होता है. इस सीट पर पहली बार बीजेपी को 1998 में जीत मिली थी. इसके बाद साल 1999 में कांग्रेस को जीत मिली, जबकि साल 2004 में इस सीट पर बीजेपी ने जीत दर्ज की. साल 2009 में यहां बाजी कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी के हाथ लगी. पिछले दो लोकसभा चुनाव में यहां बीजेपी के प्रताप सिम्हा ने जीत दर्ज की.

2014 के आम चुनाव में बीजेपी के प्रताप सिम्हा को 5,03,908 वोट मिले. उनका मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी से थे जिनको 4,72,300 वोट मिले. जेडीएस के कैंडिडेट को 1,38,587 वोट हासिल हुए. वहीं 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रताप सिम्हा को 6,88,974 वोट मिले जबकि उनके सामने चुनाव लड़ रहे कांग्रेस के सीएच विजयशंकर को 5,50,327 वोट मिले.

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