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TMC नेता ने PM मोदी को कहा- तेली का बेटा; शिकायत लेकर इलेक्शन कमीशन के पास पहुंची BJP

Casteist Remarks On PM Modi: प्रधानमंत्री मोदी पर जातिगत टिप्पणी का आरोप लेकर भाजपा चुनाव आयोग के पास पहुंची है. भाजपा का आरोप है कि ममता बनर्जी की पार्टी TMC के नेता पीयूष पांडा ने प्रधानमंत्री मोदी पर जातिगत टिप्पणी की है. उन्होंने न केवल अभद्र भाषा का यूज किया, बल्कि पूरे OBC समुदाय का अपमान भी किया.

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India Daily Live

Casteist Remarks On PM Modi: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जाति पर कथित अपमानजनक टिप्पणी के संबंध में तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता पीयूष पांडा के खिलाफ चुनाव आयोग से संपर्क किया है. सोमवार को BJP ने इस संबंध में TMC के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए चुनाव आयोग को एक पत्र सौंपा.

BJP का आरोप है कि एक वीडियो में पीयूष पांडा को ये कहते हुए सुना जा सकता है कि नरेंद्र मोदी ने अधूरे राम मंदिर का उद्घाटन करके ईशनिंदा की. ऐसा मैं नहीं बल्कि शंकराचार्यों ने कहा है. मोदी बहुत अहंकारी हैं. वे तेली समुदाय से हैं और वह मंदिर का उद्घाटन कर रहे हैं जबकि ब्राह्मणों को आमंत्रित नहीं किया जा रहा है.

TMC नेता ने वीडियो में और क्या कहा?

BJP के मुताबिक, TMC नेता ने कहा कि वह (पीएम मोदी) अच्छा दिखता है. उन्होंने अपनी दाढ़ी को रबींद्रनाथ टैगोर की तर्ज पर बनाया है. हम कभी-कभी भ्रमित हो जाते हैं कि क्या वह आदमी बंगाली है. उन्होंने कविगुरु का वेश धारण कर रखा है. वह इतना झूठ बोलता है, चोर भी इतना झूठ नहीं बोलते. वह किस स्टेशन पर चाय बेचता था? क्या कोई स्टेशन का नाम जान पाया है? अगर कोई मुझे आकर दिखाए या बताए कि पीएम ने किस स्टेशन पर चाय बेची तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा. अहंकारी नरेंद्र मोदी एक तेली के बेटे हैं.

भाजपा ने पीयूष पांडा पर न केवल पीएम मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है, बल्कि पार्टी ने कहा कि टीएमसी नेता ने पूरे ओबीसी समुदाय का अपमान भी किया है. चुनाव आयोग को लिखे पत्र में भाजपा ने कहा है कि पीयूष पांडा ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए अपशब्द कहे. 

भाजपा ने चुनाव आयोग को भेजे गए शिकायती पत्र में और क्या कहा?

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, BJP नेता शिशिर बाजोरिया की ओर से चुनाव आयोग को भेजे गए शिकायत पत्र में भाजपा ने कहा कि समझा जाता है कि इस बयान को टीएमसी की मंजूरी है. प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना एमसीसी (आदर्श आचार संहिता) का बहुत गंभीर उल्लंघन है, जिसके लिए आयोग को इस व्यक्ति के खिलाफ बहुत कड़े कदम उठाने चाहिए, जिसमें उसे पूरी चुनावी प्रक्रिया से बाहर करना भी शामिल है. साथ ही, टीएमसी को यह सुनिश्चित करने के लिए कड़ी चेतावनी दी जानी चाहिए कि ऐसा व्यवहार दोहराया न जाए.

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First Published : 02 April 2024, 03:01 PM IST