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मेरे शपथ लेने के अगले ही दिन आपके पास धमा-धम काम आने वाला है- RBI से बोले पीएम मोदी

सोमवार को RBI के 90वें समृति समारोह को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, हमें भारत की आर्थिक आत्मनिर्भरता में सुधार की जरूरत है ताकि देश को दुनिया के किसी भी प्रतिकूल प्रभाव से बचाया जा सके.

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India Daily Live

प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को अपने दोबारा सत्ता में आने की बात दोहराते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से कहा कि वह आने वाले दिनों में अंतरिक्ष, ग्रीन एनर्जी, डिजिटल प्रौद्योगिकी और पर्यटन जैसे नए उभरते क्षेत्रों को समर्थन देने के तरीकों के बारे में सोचें क्योंकि नई सरकार के शपथ लेने के बाद बहुत सारे काम आपके सामने आएंगे.

'शपथ लेते ही आपके पास धमा धम काम आने वाला है'
सोमवार को RBI के 90वें समृति समारोह को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'अभी 100 दिन में चुनावों में व्यस्त हूं. आपके पास भरपूर समय है. आप सोच के रखिए क्योंकि शपथ लेने के दूसरे दिन ही धमा धम काम आने वाला है.'

'पूरा विश्व भारत को समझना चाहता है'
पर्यटन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए पीएम ने आगे कहा, 'पूरा विश्व भारत आना चाहता है, भारत को देखना चाहता है और भारत को समझना चाहता है.' उन्होंने कहा कि स्पेस सेक्टर भी अब कई नए स्टार्टअप्स के साथ खुल रहा है. हमें यह जानने की जरूरत है कि हमें कैसे इनकी जरूरतें पूरी करनी हैं.

'हमें आर्थिक आत्मनिर्भरता में सुधार की जरूरत'

पीएम मोदी ने कहा कि हमें भारत की आर्थिक आत्मनिर्भरता में सुधार की जरूरत है ताकि देश को दुनिया के किसी भी प्रतिकूल प्रभाव से बचाया जा सके. पीएम ने जोर देकर कहा कि हमें आने वाले 10 सालों मे भारत की अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाना होगा. हमें ऐसा कुछ करना होगी कि दुनिया में आने वाले संकट से हमारे देश की अर्थव्यवस्था कम प्रभावित हो.

उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया की जीडीपी में 15 प्रतिशत योगदान देता है. भारत दुनिया का ग्रोथ इंजन बना हुआ है. इस स्थिति में हमारा प्रयास होना चाहिए कि रुपया दुनिया में अधिक सुलभ और स्वीकार्य हो. पीएम ने कहा कि भारत का लक्ष्य रुपए को एक वैश्विक मुद्रा बनाने का है. आरबीआई लगातार रुपए के अंतरराष्ट्रीयकरण को लेकर प्रयास कर रहा है.

पीएम ने की RBI की प्रशंसा
समारोह के दौरान पीएम मोदी ने भारत की अर्थव्यवस्था और भारत के बैंकिंग सेक्टर में सुधार के प्रयासों को लेकर आरबीआई तारीफ की.

'2014 में बैंकिंग सेक्टर की हालत बहुत खराब थी'
पीएम ने कहा कि 2014 में जब मैं आरबीआई की 80वीं सालगिरह समारोह में शामिल हुआ था तो स्थिति बहुत खराब थी. भारत का बैंकिंग सेक्टर अलग-अलग चुनौतियों से गुजर रहा था. NPA के ऊंचे स्तर के कारण हर किसी को भारत के बैंकिंग सेक्टर की स्थिरता और भविष्य पर संदेह था.

उन्होंने कहा स्थिति बहुत खराब थी. सरकारी बैंक देश की आर्थिक वृद्धि में कोई योगदान नहीं दे पा रहे थे लेकिन उनकी सरकार ने देश के बैंकिंग क्षेत्र की स्थिति को सुधारने के लिए प्रयास किये, रणनीति बनाई. पीएम ने कहा कि हालात में सुधार के लिए उनकी सरकार ने सरकारी बैंकों को 3.5 लाख करोड़ रुपए दिए और उनके प्रबंधन को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाये.

IBC कोड से बेड लोन के कई मामले सुलझे
पीएम ने कहा कि अकेले इंसॉल्वेंसी एंड बैंक्रप्सी कोड (IBC) के कारण 3.25 लाख रुपए के बुरे ऋण के मुद्दे को सुलझाने में मदद मिली. इसके अलावा IBC के कारण 9 लाख करोड़ के 27000 से ज्यादा दिवालिया आवेदनों को सुलझाया गया.


 

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