menu-icon
India Daily
share--v1

Modi ka Parivar पर रार : कर्नाटक में 28 सीटों में 18 पर परिवारवाद की लड़ाई, कांग्रेस के 14 तो BJP-JDS के 9 चेहरे

Modi ka Parivar पर रार : कर्नाटक की राजनति में सभी दल परिवारवाद को जमकर प्रोत्साहित कर रहे हैं. यहां की 28 सीटों में अब तक दलों ने सियासी खानदान के लोगों को उम्मीदवार बनाया है.

auth-image
Pankaj Soni
 Modi ka Parivar, karnatka, congress, bjp, jds

Modi ka Parivar पर रार : राजनीतक दलों में परिवारवाद आम बात है. चाहे वो उत्तर प्रदेश हो, बिहार हो, कर्नाटक या तमिलनाडु. कहानी कमोवेश एक जैसी है. पीएम मोदी इन राजनीतिक घरानों पर चुनावी सभाओं में हमले बोलते हैं, लेकिन राजनीति में परिवारवाद कम नहीं होता. परिवार के लोगों को चुनाव में उम्मीदवार बनाने का चलन पुराना है.

हाल ही में कर्नाटक में 14 सीटों के साथ कांग्रेस सबसे आगे है. वहीं, भाजपा-जेडीएस गठबंधन ने 9 चेहरों को मैदान में उतरा है, जिनकी पहचान उनका सियासी खानदान है. गठबंधन में जदएस 3 और भाजपा 25 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. ऐसे में सवाल यह भी है कि सभी दल परिवारवाद को बढ़ा रहे हैं तो विरोध का क्या फायदा. हम आपको कर्नाटक में सभी दलों में परिवारवाद की कहानी बता रहे हैं. 

कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों पर परिवारवाद को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीखे हमलों के बीच कर्नाटक में भाजपा भी इसी राह पर है. यहां तीनों प्रमुख राजनीतिक दलों ने वंशवादी परंपरा को स्वीकारते करते दिख रहे हैं. इन नेताओं के बेटे, बेटी, पत्नी, बहन, भाई या अन्य रिश्तेदारों को उम्मीदवार बनाया गया है.

कर्नाटक में कांग्रेस में परिवारवाद

कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार है और 6 मौजूदा मंत्रियों व एक पूर्व मंत्री के बेटे-बेटियों को लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाया गया है. शिवकुमार के छोटे भाई डीके सुरेश बंगलूरू ग्रामीण से कांग्रेस चुनाव लड़ रहे हैं. मुख्यमंत्री सिद्धरमैया वंशवाद पर कहते हैं कि भाजपा के आरोपों से फर्क नहीं पड़ता. इस मामले में जनता की राय अहम है.

जेडीएस में बाप-बेटा 

जेडीएस को कर्नाटक में कई बार अप्पा-मक्कला (बाप-बेटा) पार्टी कहा जाता है. पूर्व पीएम एचडी देवेगौड़ा समेत परिवार से 9 सदस्य राजनीति में उतर चुके हैं. बेटे कुमारस्वामी, दामाद मंजूनाथ, पोता प्रज्ज्वल रेवन्ना चुनाव लड़ रहे हैं. कुमारस्वामी की पत्नी अनीता विधायक रही हैं. बेटा निखिल लोकसभा चुनाव लड़ चुका है.

भाजपा के प्रत्याशी

लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने भी जमकर परिवारवाद को बढ़ाया है. बीजेपी में बसवराज बोम्मई, पूर्व सीएम एसआर बोम्मई के बेटे हैं. खुद भी सीएम रहे हैं. अब हावेरी लोकसभा सीट से उम्मीदवार हैं.वहीं बीवाई राघवेंद्र, पूर्व सीएम बीएस येदियुरप्पा के बेटे हैं जो शिवमोगा से चुनाव लड़ रहे हैं. यदुवीर केसी वाडियार, मैसूर के पूर्व राजा व सांसद श्रीकांतदत्त वाडियार के दत्तक पुत्र हैं. चामराजनगर से उम्मीदवार हैं. वहीं के सुधाकर, पू्र्व भाजपा नेता पी एन केशव रेड्डी के बेटे हैं जो चिकबल्लपुर से मैदान में हैं. गायत्री सिद्धेश्वर, पू्र्व केंद्रीय मंत्री जीएम सिद्धेश्वर की पत्नी हैं जो दावणगेरे से उम्मीदवार हैं. तेजस्वी सूर्या, बसवनादगुडी के विधायक रवी सुब्रमण्यम के रिश्तेदार। बंगलूरू दक्षिण से उम्मीदवार हैं. 

जेडीएस में भी रिश्तेदार

एचडी कुमारस्वामी, खुद जदएस के अध्यक्ष हैं. मांड्या से उम्मीदवार, पूर्व पीएम एचडी देवेगौड़ा के बेटे हैं.
प्रज्ज्वल रेवन्ना, पूर्व मंत्री एचडी रेवन्ना के बेटे व पीएम देवेगौड़ा के पोते हैं और हासन से उम्मीदवार हैं. सीएन मंजूनाथ, पूर्व पीएम देवेगौड़ा के दामाद हैं. भाजपा के टिकट पर बंगलूरू ग्रामीण से उम्मीदवार हैं.